Cinematograph Bill: Cinematograph Bill पर जारी विवाद के बीच सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से जुड़ी संसद की स्थायी समिति ने मशहूर अभिनेता और तमिलनाडु की राजनीतिक पार्टी मक्कल निधि मैयम के अध्यक्ष कमल हसन को उनकी राय जानने के लिए बुलाया है. कांग्रेस सांसद शशि थरूर की अध्यक्षता वाली इस समिति की 27 जुलाई को होने वाली बैठक में कमल हसन शामिल होंगे.
बिल के कुछ प्रावधानों पर विरोध जता चुके हैं हसन
कमल हसन पहले ही इस बिल के कुछ प्रावधानों पर अपना विरोध जता चुके हैं. उनका कहना है कि नए प्रावधानों से बोलने की आज़ादी के अधिकार का उल्लंघन होता है, जो संविधान की धारा 19(1) के तहत लोगों को मिला हुआ है. कमल हसन ने सभी दलों से इस बिल का विरोध करने की अपील भी की है.
फिल्मों से जुड़े कुछ संगठनों ने भेजे सुझाव
हालांकि अभी तक ये नहीं पता है कि कमल हसन के अलावा समिति किसी और कलाकार को उनकी राय जानने के लिए बुलायगी या नहीं? समिति से जुड़े सूत्रों के मुताबिक़ अभी तक किसी और कलाकार को बुलाने की योजना नहीं है. उनका कहना है कि फिल्मों से जुड़े कुछ संगठनों ने उन्हें लिखित रूप में अपनी राय और सुझाव भेजे हैं. सूत्रों ने एबीपी न्यूज़ को बताया कि कमल हसन को फ़िल्म जगत के एक प्रतिनिधि के तौर पर ही बुलाया गया है.
कौनसे नए प्रावधान जोड़े जाने का प्रस्ताव?
Cinematograph Act 1952 में बदलाव के लिए पिछले महीने की 18 तारीख़ को सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने नए बिल का मसौदा जारी किया था. इसमें पाइरेसी और सेंसर बोर्ड के अधिकारों से जुड़े कुछ नए प्रावधान जोड़े जाने का प्रस्ताव है. नए बिल के सेक्शन 6(1)(a ) पर सबसे ज़्यादा विवाद है. इसमें Cinematograph Act 1952 के सेक्शन 5B (1) के उल्लंघन पर किसी फ़िल्म को सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट मिलने के बाद केंद्र सरकार को उसकी समीक्षा करवाने का अधिकार है.







