जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने दफ्तर और सरकारी आवास पर काम करने वाले 40 कर्मचारियों और पुलिसवालों के कोरोना वायरस से संक्रमित पाये जाने के बाद मंगलवार को बड़ा निर्णय लिया है। उन्होंने अब अगले 1 महीने तक खुद को आइसोलेट कर लिया है। यानी वो इस दौरान किसी से नहीं मिलेंगे। हालांकि सरकारी कामकाज सुचारू चलता रहे इसके लिए वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये काम करते रहेंगे।

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सरकार की ओर से जारी प्रेस रिलीज में सीएम गहलोत के हवाले से कहा गया है कि ‘कोविड-19 महामारी के संकट के इस दौर में प्रदेशवासियों के जीवन की रक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए राज्य सरकार चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण के साथ ही हरसंभव प्रयास कर रही है, लेकिन इस महामारी के संक्रमण को सबकी भागीदारी से ही रोका जा सकता है।’
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उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील है कि सभी लोग मास्क लगाएं, सोशल डिस्टेंसिंग रखें, भीड़ से बचें, सामाजिक मेल-जोल कम से कम रखें, आवश्यकता होने पर ही घर से निकलें और अन्य सभी हैल्थ प्रोटोकॉल की पूरी जिम्मेदारी के साथ पालना करें। गहलोत ने कहा कि कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण से बचाव के लिए सोशल डिस्टेंसिंग और हैल्थ प्रोटोकॉल की पालना ही मुख्य उपाय है। खुद का बचाव खुद करके ही इस संक्रमण को नियंत्रित किया जा सकता है।
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इसी उद्देश्य से चिकित्सकों की सलाह के अनुसार मुख्यमंत्री ने आगामी एक माह तक आमजन सहित अन्य सभी लोगों से मुलाकात नहीं करने का निर्णय लिया है। इस दौरान वे सिर्फ सुशासन के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से भाग लेंगे। गौरतलब है कि विगत दिनों मुख्यमंत्री निवास एवं कार्यालय में भी लगभग 40 कार्मिक तथा मुख्यमंत्री सुरक्षा से जुडे़ पुलिसकर्मी एवं आरएसी के जवान कोरोना संक्रमित पाए गए थे।

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