पटना: बिहार की राजधानी पटना में शिक्षक अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज को लेकर जारी विवाद के बीच बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी का बयान सामने आया है. विपक्ष द्वारा सीएम नीतीश को लगातार घेरे जाने के बाद अब मांझी मुख्यमंत्री के बचाव में उतरे हैं. शिक्षकों के मुद्दे पर उन्होंने आरजेडी को फटकार लगाई है. साथ ही यह आरोप लगाया है कि आरजेडी शिक्षक अभ्यर्थियों को भड़का कर कानून तोड़वा रही है.

मांझी ने ट्वीट कर आरजेडी पर साधा निशाना

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने गुरुवार को ट्वीट कर कहा है कि शिक्षकों की बहाली नीतीश कुमार की सरकार ने की, 4000 रुपये वेतन से आगे बढ़कर उनको सारी सुविधाएं दीं,आगे भी कुछ भी उनके लिए होगा वह भी हमलोग ही करेंगें. वैसे सरकार में रहकर शिक्षकों को वेतन नहीं देने वाले नेता बेगुनाह शिक्षकों, शिक्षक अभ्यर्थियों को भड़काकर उनसे कानून जरूर तोडवा रहें हैं.

आरजेडी ने ट्वीट कर कही थी ये बात

दरअसल, पटना के गर्दनीबाग बाग में मंगलवार और बुधवार को पटना पुलिस ने धरने पर बैठे शिक्षक अभ्यर्थियों के साथ जो व्यवहार किया उस मुद्दे पर आरजेडी ने सीएम नीतीश पर हमला बोला था. आरजेडी ने ट्वीट कर लिखा था कि आज अगर गांधी जी जीवित होते तो अहंकारी नीतीश कुमार के महाजंगलराज की पुलिस से लाठी खा चुके होते.

आरजेडी ने कहा था, ” शिक्षक अभ्यर्थी नियोजन प्रक्रिया पूरा किए जाने की वाजिब मांग कर रहे हैं और नीतीश कुमार जी रोज लगातार लाठी भंजवा रहे हैं. पर अब तेजस्वी यादव जी उन्हें जन की ताकत का आभास कराएंगे.”

क्या है पूरा मामला?

गौरतलब है कि, नियोजन की मांग को लेकर शिक्षक अभ्यर्थी सोमवार से गर्दनीबाग धरनास्थल पर धरने पर बैठे थे. इसी क्रम में मंगलवार को पुलिस धरनास्थल पहुंची और जबरन धरना खत्म कराना चाहा. जब शिक्षक अभ्यर्थी नहीं मानें तो पुलिस ने अंधाधुंध लाठीचार्ज कर सभी शिक्षकों को वहां से खदेड़ दिया. इस घटना में कई शिक्षक अभ्यर्थी घायल हो गए थे.

इसी क्रम में बुधवार को जब दोबारा शिक्षक अभ्यर्थी धरना देने गर्दनीबाग स्थित धरनास्थल पहुंचे तो फिर उन्हें पुलिस ने खदेड़ दिया. ऐसे में सभी अभ्यर्थी इको पार्क में इकट्ठा हुए और तेजस्वी को सूचना दी. सूचना मिलने के बाद तेजस्वी मौके पर पहुंचे और फिर जिला प्रशासन के अधिकारियों से बातचीत कर शिक्षकों को धरने पर बैठने की अनुमति दिलाई.





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