चुनावी प्रचार के दौरान ही बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने सभी गैर बीजेपी दलों को चिट्ठी लिख कर एकजुट होने कीे अपील की है। उन्होंने केन्द्र की मोदी सरकार पर यह आरोप लगाया है कि जहां उनकी सरकार नहीं है वहां प्रदेश सरकार के अधिकारों में कटौती की जा रही है। उन प्रदेशों में जबरन हस्तक्षेप करने की साजिश रच रही है। ममता बनर्जी को सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव, तेजस्वी की राजद, शिवसेना, एनसीपी, दिल्ली के सीएम केजरीवाल का समर्थन प्राप्त है। इन सभी दलों को ममता ने अपनी चिट्ठी में मोदी सरकार से आगाह किया है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि केन्द्र की मोदी सरकार अलोकतांत्रिक रवैया अपना कर गैर बीजेपी सरकारों को अस्थिर करने की साजिश रच रही है। उनकी इस चिट्ठी पर कांग्रेस की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया भी सामने आई है।
वेस्ट बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन ने कहा अब जब दीदी की सत्ता जाने वाली है ऐसे में उन्हें गैर भाजपा दलों से एकजुट होना याद आ रहा है। चुनाव पूर्व तक तो ममता दीदी को किसी भी राजनीतिक दल से मिलने की सुध नहीं थी। लेकिन बीजेपी के हमलों से घबरा कर उन्हें दलों को एक जुट होने की सलाह याद आ रही है। आज जब प बंगाल में कांग्रेस और बामदलों का गठबंधन मजबत होता दिख रहा है तो वो चाहती हैं कि टीएमसी और ममता दीदी को सपोर्ट करें। अगर कांग्रेस से मदद चाहिये वो दिल्ली जा कर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात करें और उनसे माफी मागें। अधीर रंजन पिछले 15 दिनों से ममता और उनकी सरकार पर काफी हमलावर रहे हैं। ममता के चोट लगने पर भी उन्होंने बयान दिया था कि ममता दीदी हार रही हैं इसीलिये जनता की सहानुभूति लेने के लिये ड्रामा कर रही हैं।








