आंध्र प्रदेश में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या एक लाख 20 हजार 390 पहुंच चुकी है। हालांकि इनामें से करीब आधे लोग ठीक हो चुके हैं। मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी कहते हैं कि हमें कोरोना के साथ ही जीना होगा।
Edited By Vaibhava Pandey | पीटीआई | Updated:
- आंध्र प्रदेश में बुधवार को 24 घंटे के दौरान रेकॉर्ड 10,093 नए केस आए हैं
- 65 लोगों की मौत भी जबकि 2784 मरीज स्वस्थ होकर अपने घर चले गए
- इस तरह आंध्र प्रदेश में कुल केस एक लाख 20 हजार 390 हो गए हैं
- सीएम जगन मोहन रेड्डी का कहना है कि हमें कोरोना के साथ ही जीना होगा
हैदराबाद
कोरोना वायरस के संक्रमण से कराह रहे आंध्र प्रदेश में बुधवार को 24 घंटे के दौरान रेकॉर्ड 10,093 नए केस आए हैं। यह 1 दिन तक अबतक के सबसे ज्यादा कोरोना केस हैं। 65 लोगों की मौत भी हुई है जबकि 2784 मरीज स्वस्थ होकर अपने घर चले गए। इस तरह प्रदेश में कुल केस एक लाख 20 हजार 390 हो गए हैं। इनमें से 55406 लोग ठीक हो चुके हैं जबकि 63771 ऐक्टिव केस हैं। पूरे राज्य में कुल 1213 लोगों की मौत हो चुकी है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी का कहना है कि कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार को देखते हुए लगता है कि हमें इसके साथ ही जीना होगा।
आंध्र प्रदेश में मंगलवार को भी कोरोना वायरस के 7,948 नए मामले सामने आए थे। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि आंध्र प्रदेश एकमात्र ऐसा राज्य है, जो 32,761 प्रति 10 लाख जनसंख्या की दर से प्रतिदिन 50,000 से अधिक जांच की जा रही थीं। उन्होंने जिला कलेक्टरों और अन्य अधिकारियों के साथ की जा रही वीडियो कांफ्रेंस बैठक में कहा कि जब अधिक मामले सामने आ रहे हों तो अधिकारी आशंकित हो जाते हैं। वे आंकड़ों (जांच और मामलों के) के साथ फेरबदल करने की कोशिश करते हैं, लेकिन आंध्र प्रदेश में ऐसा कुछ भी नहीं हो रहा है।
‘संक्रमित होना कोई पाप नहीं’
सीएम ने जोर देकर कहा कि राज्य में कोविड-19 के एक लाख से अधिक मामले सामने आए हैं जिनमें से 50,000 से अधिक पहले ही ठीक हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि यहां तक कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री भी कोविड-19 से संक्रमित पाए गए हैं। हम ऐसी स्थिति में हैं जहां हमें कोरोनो वायरस के साथ रहना पड़ सकता है। संक्रमित होना कोई पाप नहीं है। हमें टीका मिलने तक इंतजार करना होगा।







