हाइलाइट्स:

  • लखनऊ में कोरोना के मामलों में आ रही है कमी, अब कम हो रही है संख्या
  • करीब हर दूसरे घंटे एक मरीज को राजधानी में अपनी जान गंवानी पड़ रही है
  • जान गंवाने वाले मरीजों में अधिकतर ऐसे मरीज हैं जो कि गंभीर होने के बाद अस्पताल पहुंचे

लखनऊ
यूपी की राजधानी लखनऊ में कोरोना का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला है। राज्य के सबसे अधिक प्रभावित शहर बने लखनऊ में बीते कुछ हफ्तों में कोरोना की रफ्तार तो धीमी हुई है, लेकिन मरीजों की संख्या अब भी बढ़ रही है। प्रदेश की राजधानी में कोरोना से मरने वाले मरीजों की संख्या भी अधिक है। बड़ी बात ये कि कोरोना के कारण अब करीब हर दूसरे घंटे एक मरीज को राजधानी में अपनी जान गंवानी पड़ रही है।

कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित हुए लखनऊ शहर में अब तक कुल 664 मरीज अपनी जान गंवा चुके हैं। इनमें से 45 फीसदी यानि की करीब 300 मरीजों को अपनी जान सितंबर महीने में गंवानी पड़ी है। अधिकारियों का कहना है कि कोरोना से जान गंवाने वाले मरीजों में अधिकतर ऐसे मरीज हैं जो कि गंभीर होने के बाद अस्पताल पहुंचे थे और इलाज के दौरान उनकी मौत हुई।

सितंंबर में कुल 303 मरीजों की मौत
डॉक्टर कहते हैं कि ऐसे मरीजों ने पहले कोरोना के सिंपटम्स को सीरियस नहीं लिया और बाद में हालत गंभीर होने के बाद अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों के मुताबिक, तमाम मरीजों की मौत फेफड़े के इंफेक्शन के कारण हुई है और इनमें से कई ऐसे हैं जिनकी जान अस्पताल में भर्ती होने के 12 से 48 घंटे के भीतर हुई है। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक, सितंबर महीने में कुल 303 कोरोना मरीजों की मौत हुई है। हालांकि रोज आने वाले केसों की संख्या में अब कुछ कमी आ गई है।

42 हजार से अधिक लोग हुए ठीक
27 सितंबर की कोरोना रिपोर्ट के अनुसार, बीते 24 घंटे में कोरोना के 549 नए मामले आए हैं और फिलहाल शहर में 7914 मामले ऐक्टिव हैं। इसके अलावा 24 घंटे में 1039 मरीजों को डिस्चार्ज भी किया गया है। आज तक लखनऊ में 42609 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया है। अब तक लखनऊ में 675 मरीजों की मौत हुई है।



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