Corona in India News: भारत में कोरोना मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। देश में कोरोना से रिकवरी रेट 70 फीसदी पहुंच चुका है। इस बीच चिंता की बात ये है कि रिकवरी रेट से ज्यादा रोज नए केस सामने आ रहे हैं। देश में कोरोना मरीजों की संख्या 23 लाख के पार पहुंच चुकी है।

Edited By Satyakam Abhishek | एजेंसियां | Updated:

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हाइलाइट्स

  • देश में कोरोना से ठीक होने वालों की संख्या 70% तक पहुंचा
  • चिंता की बात ये है कि रिकवरी रेट से ज्यादा पिछले कुछ दिनों में नए मरीजों की संख्या बढ़ रही है
  • देश में कोरोना की संख्या 23 लाख के पार पहुंच चुकी है
  • बिहार, आंध्र प्रदेश जैसे राज्य में कोरोना के केस तेजी से बढ़ रहे हैं

नई दिल्ली

देश में कोरोना वायरस से ठीक होने वालों की संख्या 70 फीसदी के पार पहुंच चुकी है। हालांकि सबसे ज्यादा चिंता वाली बात ये है कि ठीक होने वालों की तुलना में संक्रमित मरीजों की संख्या पिछले कुछ दिनों से लगातार ज्यादा है। देश में पिछले कई दिनों से हर रोज 50 हजार से ज्यादा नए केस दर्ज किए जा रहे हैं। बुधवार को भी 60 हजार से ज्यादा नए मरीज मिले हैं।

कोरोना केसों में कब आएगी कमी?

ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर कबतक कोरोना के नए केस बड़ी संख्या में सामने आते रहेंगे। विशेषज्ञों के अनुसार अभी कोरोना का पीक आना बाकी है। इस बीच, कुछ एक्सपर्ट का मानना है कि अगर ठीक होने वाले मरीजों की संख्या नए केसों की तुलना में ज्यादा हो जाए और यह ट्रेंड कम से कम दो सप्ताह तक जारी रहे, तब माना जा सकता है कि कोरोना का संक्रमण खत्म होने के करीब है। लेकिन यह स्थिति अभी केवल दिल्ली में आई है। इस महीने के शुरू से दिल्ली में कोरोना के मामले कम होने शुरू हुए हैं। दिल्ली में कोरोना से ठीक होने वालों की संख्या 90 फीसदी पहुंच चुकी है जो देश में सबसे अधिक है।

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NBT

देश में कोरोना का लगातार फैल रहा संक्रमण

लेकिन अगर देश की बात करें तो यहां रिकवर होने वाले मरीजों की तादाद नए मरीजों की तुलना में कम है। हां, ये जरूर हुआ है कि ठीक होने वाले नए मरीजों की बढ़ती संख्या का अंतर जरूर कम हुआ है।

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बंगाल, बिहार, आंध्र दे रहे हैं टेंशन

महाराष्ट्र के बाद आंध्र में कोरोना के केस लगातार बढ़ रहे हैं। आंध्र में आंकड़ा ढाई लाख के पार पहुंच चुका है। जबकि बंगाल एक लाख के करीब पहुंच गया है। बिहार में भी कोरोना के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। बिहार में कोविड-19 का ग्रोथ रेट तो आंध्र से भी ज्यादा हो गया है।

भारत समेत कई देशों में बनेगी रूसी कोरोना वैक्सीन

  • भारत समेत कई देशों में बनेगी रूसी कोरोना वैक्सीन

    रूसी कोरोना वैक्सीन परियोजना के लिए फंड मुहैया कराने वाली संस्था रशियन डॉयरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड ने अपने बयान में कहा है कि इस वैक्सीन का उत्पादन भारत, दक्षिण कोरिया, ब्राजील, सऊदी अरब, तुर्की और क्यूबा में किया जाएगा। इसमें यह भी बताया गया है कि वैक्सीन के तीसरे फेज का ट्रायल सऊदी अरब, यूएई, ब्राजील, भारत और फिलीपींस सहित कई देशों में किए जाने की योजना है।

  • 2020 के अंत तक 20 करोड़ डोज बनाने की तैयारी

    रूस ने बताया कि वैक्सीन का बड़े पैमाने पर उत्पादन सितंबर 2020 में शुरू होने की उम्मीद है। भविष्य की योजनाओं में 2020 के अंत तक इस वैक्सीन के 20 करोड़ डोज बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें से 3 करोड़ वैक्सीन केवल रूसी लोगों के लिए होगी।

  • पुतिन की एक बेटी को भी लगी वैक्सीन की डोज

    पुतिन ने कहा कि इस वैक्सीन के ट्रायल के दौरान उनकी एक बेटी ने भी हिस्सा लिया। पहले चरण के वैक्सीनेशन के बाद उसके शरीर का तापमान 38 डिग्री सेल्सियस था, जबकि अगले दिन यह 37 डिग्री सेल्सियस हो गया था। वैक्सीन ने दूसरे चरण के बाद उसके शरीर का तापमान थोड़ा बढ़ा लेकिन बाद मे सब ठीक हो गया। वह अब अच्छा महसूस कर रही है।

  • वैश्विक सहयोगियों से पुतिन ने की अपील

    पुतिन ने कोरोना वायरस वैक्सीन के निर्माण से जुड़े हर किसी को धन्यवाद भी दिया। उन्होंने इसे दुनिया के लिए एक बहुत महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि हमारे विदेशी सहयोगी भी हमारा साथ देंगे। इससे वैश्विक दवा और वैक्सीन के बाजार में रूसी वैक्सीन उपलब्ध होगी।

  • अमेरिका ने रूसी वैक्सीन पर जताया संदेह

    अमेरिका के स्वास्थ्य एवं मानव सेवा सचिव एलेक्स अजार ने कहा है कि कोविड-19 का पहला टीका बनाने की जगह कोरोना वायरस के खिलाफ एक प्रभावी और सुरक्षित टीका बनाना ज्यादा महत्वपूर्ण है। अजार ने कहा कि विषय पहले टीका बनाने का नहीं है। विषय ऐसा टीका बनाने का है जो अमेरिकी लोगों और विश्व के लोगों के लिए सुरक्षित तथा प्रभावी हो। उन्होंने यह भी कहा कि टीके की सुरक्षा और इसके प्रभाव को साबित करने के लिए पारदर्शी डेटा का होना महत्वपूर्ण है। अजार ने बताया कि अमेरिका में छह टीकों के विकास पर काम हो रहा है।

  • जर्मनी भी बोला- वैक्सीन पर कोई डेटा नहीं

    जर्मनी ने भी रूस की कोरोना वायरस वैक्सीन की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर संदेह जताया है। जर्मनी के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि यूरोपीय संघ में क्लिनिकल ट्रायल के बाद ही दवा को मंजूरी दी जाती है। हमारे यहां रोगी की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। रूसी वैक्सीन की गुणवत्ता, प्रभावकारिता और सुरक्षा पर कोई ज्ञात डेटा नहीं है।

  • रूस का दावा- 20 देशों से 1 अरब डोज का मिला ऑर्डर

    रूसी कोरोना वैक्सीन परियोजना के लिए फंड मुहैया कराने वाली संस्था रशियन डॉयरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड के प्रमुख किरिल दिमित्रिज ने कहा कि इस वैक्सीन के लिए 20 देशों से एक अरब डोज बनाने का ऑर्डर मिला हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि सितंबर से इस वैक्सीन का औद्योगिक उत्पादन शुरू होने की संभावना है। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि किन देशों ने इस वैक्सीन के लिए ऑर्डर दिए हैं।

दिल्ली में एक बार फिर सिर उठाने लगा कोरोना

देश में कोरोना के 23 लाख से ज्यादा मामले



भारत में बुधवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 60,963 नए मामले सामने आने के बाद देश में अब तक संक्रमित पाए गए लोगों की संख्या 23 लाख के पार हो गई। देश में 16,39,599 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं और कुल संख्या 23,29,638 है। पिछले 24 घंटे में 834 और लोगों की मौत हो जाने के बाद मृतकों संख्या बढ़कर 46,091 हो गई। भारत में सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख के पार हो गई थी। इस समय कोरोना संक्रमित 6,43,948 लोगों यानी कुल संक्रमण का 27.64 प्रतिशत लोगों का इलाज चल रहा है। आईसीएमआर के अनुसार, 11 अगस्त तक कुल 2,60,15,297 नमूनों की जांच की गई, जिसमें से मंगलवार को 7,33,449 नमूनों की जांच की गई।

भारत में कोरोना

भारत में कोरोना

Web Title corona in india despite high recovery rate, most people are still falling sick(Hindi News from Navbharat Times , TIL Network)

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