Edited By Ashok Upadhyay | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

नई दिल्ली

दिल्ली में काफी समय से कोरोना वायरस के संक्रमण की रफ्तार धीमी पड़ी हुई है। बीते 11 दिनों से लगातार दिल्ली में कोरोना वायरस से ठीक होने वाले लोगों की संख्या, कोरोना से संक्रमित नए लोगों की संख्या से अधिक बनी हुई है। दिल्ली के अलावा किसी अन्य राज्य में ऐसा देखने को नहीं मिल रहा है।



इंडियन एक्सप्रेस अखबार की इस खबर के आधार पर कहा जा सकता है कि दिल्ली के अस्पतालों में भर्ती होने वाले कोरोना मरीजों की संख्या , अस्पताल से जाने वाले मरीजों की संख्या की तुलना में काफी कम है। इससे अस्पतालों पर से बोझ भी कम हो रहा है। अगर आने वाले एक या दो सप्ताह तक नए केसों की संख्या में गिरावट जारी रहती है, तो कहा जा सकता है कि कोरोना वायरस अब अपने चरम पर पहुंच गया है, जिसके चलते इसमें गिरावट होना शुरू हो गई है।

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हालांकि, वैज्ञानिक और स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस तरह के निष्कर्ष निकालने से पहले थोड़ी देर के लिए इसका निरीक्षण करना पसंद करेंगे। दरअसल, हर दिन बताए गए नंबर हमेशा उस दिन से संबंधित नहीं होते हैं। प्रत्येक चरण में समय अंतराल हैं। संक्रमण के शुरुआती दिनों में सभी का परीक्षण नहीं किया जाता है, और परीक्षण के परिणाम के आने में अपना समय लगता है।

डेटा के संकलन और इसकी रिपोर्टिंग में एक समय का अंतराल भी है। परिणामस्वरूप, किसी भी दिन रिपोर्ट किए जाने वाले बहुत कम मामले उस दिन से ही होते हैं। अकसर, दैनिक डेटा पिछले कई दिनों में सामने आए मामलों का मिश्रण होता है। लोगों की मौतों के बारे में जानकारी में अकसर समय की कमी होती है क्योंकि कई राज्यों ने मृत्यु लेखा समितियों की स्थापना की है, जो रिपोर्ट करने से पहले मृत्यु के सही कारण का आकलन करते हैं।



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