Coronavirus Vaccine in US: अमेरिका में कोरोना वायरस वैक्सीन पर Moderna Inc को सफलता मिलने के साथ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुशी जताई है। उन्होंने ट्वीट किया है- ‘ग्रेट न्यूज’।

Edited By Shatakshi Asthana | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

अगले महीने मिल जाएगी कोरोना वैक्‍सीन: दावा

वॉशिंगटन

दुनियाभर में 1.3 करोड़ से ज्यादा लोगों को अपनी चपेट में लेने वाले कोरोना वायरस की वैक्सीन (Coronavirus Vaccine) की ओर पहली सफलता मिलती दिखाई दे रही है। अमेरिका की कंपनी मॉडर्ना इंक (Moderna Inc) की वैक्सीन mRNA-1273 अपने पहले ट्रायल में पूरी तरह से सफल रही है। इसके बाद बुधवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट कर खुशी जताई है।

राष्ट्रपति ट्रंप वे बुधवार को ट्वीट किया है- ‘वैक्सीन पर बहुत अच्छी खबर।’ हालांकि, ट्रंप ने अपने ट्वीट में इससे ज्यादा जानकारी नहीं दी लेकिन अंदाजा लगाया जा रहा है कि मॉडर्ना की कामयाबी पर ट्रंप का यह रियेक्शन आया है। Moderna Inc के पहले टेस्‍ट में 45 ऐसे लोगों को शामिल किया गया था जो स्‍वस्‍थ थे और उनकी उम्र 18 से 55 साल के बीच थी और इसके परिणाम सफल रहे।

मॉडर्ना अब कोरोना वायरस वैक्सीन के लेट स्टेज ट्रायल की तैयारी कर रही है। कंपनी के अनुसार, 27 जुलाई के आसपास इस ट्रायल को शुरू किया जा सकता है। मॉडर्ना ने कहा कि वह अमेरिका के 87 स्टडी लोकेशन पर इस वैक्सीन के ट्रायल का आयोजन करेगी। माना जा रहा है कि तीसरे चरण के ट्रायल के सफल होने के बाद कंपनी कोई बड़ी घोषणा कर सकती है।

Moderna Coronavirus Vaccine: कोरोना वायरस से जंग, पहले टेस्‍ट में सफल रही अमेरिकी वैक्‍सीन

मॉडर्ना Catalent Inc के साथ 2020 की पहली तिमाही तक 100 मिलियन डोज बनाने की कोशिश में है। Catalent की वैक्सीन की पैकेजिंग, लेबलिंग, स्टोरेज और डिस्ट्रिब्यूशन करेगी जब Moderna की वैक्सीन लेट-स्टेज क्लिनिकल ट्रायल में पहुंच जाएगी। Catalent ने Johnson & Johnson और AstraZeneca के साथ भी पार्टनरशिप की है। Moderna नवंबर में इसके डेटा के आने की उम्मीद में है।

Moderna भी तेज, लेकिन AstraZeneca आगे

  • Moderna भी तेज, लेकिन AstraZeneca आगे

    स्वामिनाथन ने कहा, ‘हमें पता है कि Moderna की वैक्सीन भी तीसरे फेज के क्लिनिकल ट्रायल में पहुंचने वाली है, शायद जुलाई में, इसलिए वे भी ज्यादा पीछे नहीं हैं।’ हालांकि उन्होंने कहा कि अगर यह देखा जाए कि वे अपने ट्रायल कहां प्लान कर रहे हैं और कहां करेंगे, तो AstraZeneca का ग्लोबल स्कोप ज्यादा है।’ यह वैक्सीन ChAdOx1 वायरस से बनी है जो सामान्‍य सर्दी पैदा करने वाले वायरस का एक कमजोर रूप है। इसे जेनेटिकली बदला गया है इसलिए इससे इंसानों में इन्‍फेक्‍शन नहीं होता है।

  • Moderna भी इस महीने तैयार

    अमेरिका की Moderna Inc अपनी वैक्सीन mRNA-1273 के दूसरे चरण के ट्रायल शुरू कर चुकी है। कंपनी दवाई बनाने वाली Catalent Inc के साथ 2020 की पहली तिमाही तक 100 मिलियन डोज बनाने की कोशिश में है। Catalent की वैक्सीन की पैकेजिंग, लेबलिंग, स्टोरेज और डिस्ट्रिब्यूशन करेगी जब Moderna की वैक्सीन लेट-स्टेज क्लिनिकल ट्रायल में पहुंच जाएगी। Catalent ने Johnson & Johnson और AstraZeneca के साथ भी पार्टनरशिप की है। Moderna जुलाई में 30 हजार लोगों पर फाइनल स्टेज ट्रायल के लिए तैयार है और इस साल नवंबर में इसके डेटा के आने की उम्मीद में है।

  • ​Sanofi-GSK

    फ्रांस की फार्मासूटिकल कंपनी Sanofi ने हाल ही में कहा है कि उसने दिसंबर की जगह अपनी वैक्सीन का ट्रायल सितंबर में करने की तैयारी शुरू कर दी है। कंपनी का दावा है कि वह कई ‘कैंडिडेट्स’ पर काम कर रही है और इस साल की चौथी तिमाही तक इंसानों पर ट्रायल शुरू कर देगी। Sanofi ने यह भी ऐलान किया है कि वह अमेरिका की स्टार्टअप Translate Bio के साथ वैक्सीन डिवेलपमेंट में अपने विस्तार के लिए 425 मिलियन डॉलर का निवेश भी करेगी।

  • थाइलैंड भी इंसानों पर ट्रायल की तैयारी में

    थाइलैंड में सात COVID-19 वैक्सीन पर काम कर चल रहा है। अलग-अलग तरीकों से वैक्सीन बनाने की कोशिश में लगे थाइलैंड का कहना है कि उसकी एक कैंडिडेट इंसानों पर ट्रायल के लिए अक्टूबर में तैयार हो सकती है। ब्लूमबर्ग के मुताबिक बंदरों में इंजेक्शन पर ऐंटीबॉडी बनती पाई गई हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि कई बंदरों में ऐसी ऐंटीबॉडीज बनीं जो वायरस को सेल में घुसने या नुकसान पहुंचाने से रोक सकती हैं। इसमें mRNA वैक्सीन टेक्नॉलजी का इस्तेमाल किया जा रहा है और जानवरों पर टेस्ट के फाइनल रिजल्ट दो हफ्ते में आ सकते हैं।



कोई साइड इफेक्ट नहीं रहा


मॉडर्ना की वैक्‍सीन की एक और अच्‍छी बात यह रही कि इसका इतना कोई खास साइड इफेक्‍ट नहीं रहा जिसकी वजह से वैक्‍सीन के ट्रायल को रोक दिया जाए। ट्रायल के दौरान वैक्‍सीन के तीन डोज देने के बाद आधे लोगों को हल्‍की थकान, शरीर में दर्द और सिर दर्द हुआ। करीब 40 प्रतिशत लोगों ने वैक्‍सीन देने के बाद हल्‍का बुखार महसूस किया।शुरुआती टेस्टिंग में अगर एंटीबॉडी बनती है तो इसे बड़ी सफलता माना जाता है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि यह वैक्‍सीन कोरोना वायरस के खात्‍मे में प्रभावी होगी।

कोरोना: भारत की दो वैक्सीन पर खुशखबरीकोरोना: भारत की दो वैक्सीन पर खुशखबरीभारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद ने आज देश को बड़ी खुशखबरी दी है। उसने बताया है कि कोविड-19 के लिए दो देसी वैक्सीन का ट्रायल लगातार आगे बढ़ रहा है। इसकी चूहों और खरगोशों पर टॉक्सिसिटी स्टडीज सफल रही है। ICMR के महानिदेश डॉ. बलराम भार्गव ने कोरोना पर प्रेस ब्रीफिंग के दौरान बताया कि अध्ययन के आंकड़े देश के ड्रग कंट्रोलर जनरल के पास भेज दिए गए हैं जहां से दोनों वैक्सीन का इंसानों पर परीक्षण करने की अनुमति मिल गई है।

डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो)

डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो)

Web Title america president donald trump tweets great news over successful coronavirus vaccine(Hindi News from Navbharat Times , TIL Network)

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