Coronavirus Vaccine news: कोरोना वायस की वैक्सीन जब बन जाएगी तो उसे सबसे पहले किन लोगों को दिया जाएगा, इस पर सरकार और उसके बाहर मंथन चल रहा है। सबसे पहले टीका पाने वालों में अग्रिम मोर्च पर काम करने वाले कर्मचारियों, बुजुर्गों, पहले से बीमारियों से ग्रस्त लोगों, आर्थिक रूप से कमजोर लोगों में से किसे चुना जाए, इस पर विचार चल रहा है।
Edited By Chandra Pandey | भाषा | Updated:
- कोरोना वायरस का टीका बन जाने के बाद सबसे पहले किन्हें दिया जाएगा, इस पर हो रहा है मंथन
- केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में ओएसडी राजेश भूषण ने कहा कि इसे लेकर सरकार के अंदर और बाहर हो रही है चर्चा
- सबसे पहले कोरोना के खिलाफ लड़ाई में अग्रिम मोर्चे पर तैनात लोगों को टीका दिए जाने पर बनती दिख रही आम सहमति
नई दिल्ली
देश के नीति निर्माता सक्रिय रूप से उन लोगों के समूहों की पहचान करने के लिए विचार-विमर्श कर रहे हैं जिन्हें विकसित होने पर कोविड-19 के टीके सबसे पहले लगाए जाएंगे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
‘कोविड-19 महामारी के खिलाफ टीकों के विज्ञान और नैतिकता में नव विचार’ विषय पर आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में बोलते हुए, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में नियुक्त विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) राजेश भूषण ने कहा कि टीका प्राथमिकता के आधार पर पहले किन्हें मिलना चाहिए, इस विषय पर सरकार के भीतर और बाहर दोनों जगह चर्चा की जा रही है।
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भूषण ने कहा कि एक उभरती हुई आम सहमति है कि अग्रिम मोर्चे पर काम करने वाले कर्मचारी वे लोग हैं जिन्हें सबसे पहले टीके दिए जाने चाहिए। लेकिन हम अभी इस प्रश्न पर मंथन कर रहे हैं और अभी हम इस मुद्दे पर कोई अंतिम स्थिति में नहीं पहुंचे हैं कि प्राथमिकता सूची में कौन-कौन होंगे। स्वास्थ्य कर्मियों के बाद कौन आएगा और फिर उनके बाद कौन आएगा।
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उन्होंने कहा कि विचार-विमर्श इस बात पर है कि क्या यह समूह बुजुर्ग लोगों का होगा या यह वे लोग होंगे, जिन्हें पहले से ही कई बीमारियां हैं या क्या वे कमजोर सामाजिक-आर्थिक स्थिति वाले लोग होंगे जिनकी लंबे समय तक रही गरीबी और कुपोषण के कारण प्रतिरक्षा क्षमता कमजोर हो गई है।
Moderna
राजेश भूषण ने कहा, ‘वर्तमान में भारत सरकार के भीतर नीति निर्माता इन सवालों का हल ढूंढ़ने में लगे हुए हैं।’ नीति आयोग के सदस्य और कोविड-19 राष्ट्रीय कार्यबल के सदस्य वी. के. पॉल ने कहा कि नीति निर्माता सक्रिय रूप से उन लोगों के समूहों को प्राथमिकता देने के लिए विचार-विमर्श कर रहे हैं जिन्हें विकसित होने के बाद सबसे पहले कोविड-19 टीके लगाए जाएंगे।
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