दिल्ली में मचे कोरोना के कोहराम के बीच केजरीवाल सरकार ने गुरुवार को यह साफ कर दिया है कि अगर जरूरत पड़ी तो दिल्ली में भी नाइट या वीकेंड कर्फ्यू लगाया जा सकता है। 

आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार ने आज दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि उसने किसी भी प्रकार के कर्फ्यू को लागू करने पर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया है, लेकिन यह COVID-19 स्थिति के आधार पर विचाराधीन है। अन्य शहरों की तरह नाइट या वीकेंड कर्फ्यू लगाने की योजना को लेकर हाईकोर्ट के सवाल पर यह प्रतिक्रिया आई है।

हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार से पूछा कि शादी समारोह में 50 ही लोग शामिल हों, यह सुनिश्चित करने के लिए क्या दिशानिर्देश लागू किए गए हैं?  कोर्ट ने कहा कि सरकार यह भी बताए कि जुर्माने के पैसों का आपने क्या किया?  

इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि कोविड-19 नियमों का उल्लंघन करने वालों से नकद जुर्माना वसूलने के बजाय एक पोर्टल बनाएं और जुर्माने से वसूली गई रकम का किसी अच्छे काम में इस्तेमाल करें।

हाईकोर्ट ने कहा कि कई लोगों की जान जाने और अदालत द्वारा फटकार लगाने के बाद दिल्ली सरकार ने आरटी-पीसीआर टेस्ट संख्या में वृद्धि की है।

कोरोना के एक्टिव मामलों में कमी आई

दिल्ली में कोरोना वायरस (कोविड-19) के नए मामलों की तुलना में स्वस्थ होने वालों की संख्या अधिक रहने से एक्टिव मामलों में कमी आई है। बुधवार को जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार, दिल्ली में 24 घंटों के दौरान 5246 नए मामले सामने आए। वहीं इस दौरान कोरोना मुक्त होने वालों की संख्या 5361 रही, जबकि 99 और लोगों की मौत होने से मृतकों का कुल आंकड़ा 8720 तक पहुंच गया।

हेल्थ बुलेटिन के मुताबिक, राजधानी में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 5,45,787 हो गई है। वहीं स्वस्थ होने वालों की संख्या 4,98,780 हो गई है और एक्टिव मामलों की संख्या 38,227 रह गई है।

राजधानी में बुधवार को  26,080 आरटी-पीसीआर टेस्ट और 35,698 रैपिड एंटीजन टेस्ट किए गए। अभी तक कुल 59.76 लाख से अधिक नमूनों का परीक्षण किया जा चुका है। दिल्ली में प्रति दस लाख लागों में से 3,14,549 लोगों के नमूनों को परीक्षण किया जा रहा है। 

 





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