नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने उस खबर का खंडन किया है जिसमें दावा किया गया था कि देश में कोरोना से मरने वालों की संख्या आधिकारिक आंकड़ों से ‘पांच से सात गुना’ ज्यादा है. सरकार ने कहा कि यह रिपोर्ट पूरी तरह से गलत और आधारहीन है. इसे किसी प्रमाणित सबूत के बिना ही प्रकाशित किया गया है.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बयान जारी कर बिना नाम लिए लेख प्रकाशित करने के लिए प्रकाशक की निंदा की. जिसमें दावा किया गया है कि भारत में कोविड से होने वाली मौतें आधिकारिक आंकड़ों से पांच से सात गुना अधिक है. इसके साथ ही मंत्रालय ने कई कारण गिनाए जिनकी वजह से जिस अध्ययन का इस्तेमाल प्रकाशक द्वारा किया गया उस पर विश्वास नहीं किया जा सकता है. 

कारण- 1
मंत्रालय ने कहा कि पत्रिका में जिस अध्ययन का इस्तेमाल मौतों का अनुमान लगाने के लिए किया गया है वह किसी भी देश या क्षेत्र की मृत्यु दर का पता लगाने के लिए विधिमान्य तरीका नहीं है.

कारण- 2
मंत्रालय ने कहा कि वैज्ञानिक डाटाबेस जैसे पबमेड, रिसर्च गेट आदि में इंटरनेट पर इस अनुसंधान पत्र की तलाश की गई लेकिन यह नहीं मिला, अध्ययन करने के तरीके की जानकारी भी पत्रिका द्वारा उपलब्ध नहीं कराई गई.

कारण- 3
बयान में कहा गया, एक और सबूत दिया गया कि यह अध्ययन तेलंगाना में बीमा दावों के आधार पर किया गया, लेकिन एक बार फिर समीक्षा किया गया वैज्ञानिक आंकड़ा ऐसे अध्ययन को लेकर नहीं है.

कारण- 4
बयान में कहा गया, दो और अध्ययन पर भरोसा किया गया है जिन्हें चुनाव विश्लेषण समूह ‘प्राशनम’ और ‘सी वोटर’ ने किया है जो चुनाव नतीजों का पूर्वानुमान और विश्लेषण के लिए जाने जाते हैं. वे कभी भी जन स्वास्थ्य अनुसंधान से जुड़े नहीं हैं. यहां तक कि उनके अपने चुनाव विश्लेषण के क्षेत्र में नतीजों का पूर्वानुमान लगाने के लिए जिस पद्धति का इस्तेमाल होता है वे कई बार गलत साबित होती हैं.

कारण- 5
बयान में कहा गया, ‘‘पत्रिका ने स्वयं स्वीकार किया है कि ‘‘यह अनुमान अस्पष्ट और यहां तक अविश्वसनीय स्थानीय सरकार के आंकड़ों, कंपनी रिकॉर्ड के आंकलन पर आधारित है और इस तरह का विश्लेषण ‘मृत्युलेख जैसा है.

मंत्रालय ने कहा कि सरकार कोविड आंकड़ों के प्रबंधन के मामले में पारदर्शी है. मौतों की संख्या में विसंगति से बचने के लिए आईसीएमआर ने मई 2020 में दिशानिर्देश जारी किए थे. सभी मौतों को सही तरीके से दर्ज करने के लिए डब्ल्यूएचओ ने आईसीडी-10 कोड की अनुशंसा की है जिसका अनुपालन किया गया. 

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