क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) का भविष्य भारत में क्या होगा इसको लेकर संशय बना हुआ है। पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra  Modi) ने भी क्रिप्टो पर एक हाई लेवल मीटिंग की थी। तब उन्होंने इसके रेगुलेशन सहित उपयोग पर भी चिंता व्यक्त की थी। इसके अलावा हाल ही में पूर्व वित्त राज्य मंत्री जयंत सिन्हा (Jayant Sinha) की अगुवाई वाली संसदीय समिति ने भी एक्सपर्ट से क्रिप्टोकरेंसी पर राय ली थी। ऐसे में भारत में क्रिप्टो का भविष्य क्या होगा इस पर अभी कुछ स्पष्ट नहीं है। हालांकि सरकार कुछ पाबंदियों के साथ छूट दे सकती है। आइए समझते हैं क्या योजना बना रही है भारत सरकार।

यह भी पढ़ेंः एक दिन में ही 1,000 रुपये के बन गए 2.37 करोड़ रुपये, इस क्रिप्टोकरेंसी ने दिया बंपर रिटर्न

भारत में बैन हो जाएगी क्रिप्टोकरेंसी? 

यह एक ऐसा सवाल जिसपर खूब चर्चा होती है। इसकी वजह भी है, क्योंकि क्रिप्टोकरेंसी के रेगुलेशन को लेकर कोई नियम नहीं है। यानी इसके जरिए हो रहा कारोबार पूरी तरह से मुक्त है। ऐसे में सरकार इस बात को लेकर चिंतित है कि अगर इसे रेगुलेट नहीं किया गया तो इसका दुरुपयोग हो सकता। जोकि  भारत की सुरक्षा और आर्थतंत्र दोनों को चोट पहुंचा सकता है। 

इकोनाॅमिक्स टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार सरकार क्रिप्टो को करेंसी के रूप में तो बैन कर सकती है। लेकिन इसे पूंजी जैसे शेयर, गोल्ड या बाॅन्ड की तरह रखने की छूट देने पर विचार कर रही है। साथ ही सेबी इसके लिए रेगुलेटरी बाॅडी हो सकती है। हालांकि अभी तक ये सब कयास ही हैं, सरकार की तरफ से इसको लेकर कुछ स्पष्ट नहीं किया गया है। 

ईटी की ही रिपोर्ट के अनुसार सरकार की तरफ से आगामी शीत कालीन सत्र में क्रिप्टो पर संसद में एक विधेयक भी पेश किया जा सकता है। क्योंकि क्रिप्टोकरेंसी के लेन-देन पूरी तरह से स्वतंत्र है, इसी वजह से अबतक इसपर कोई टैक्स भी नहीं लगता। लेकिन अगर कानून बना तो संभव है कि सरकार इसे भी टैक्स के दायरे में लाएगी। 

यह भी पढ़ेंः Cryptocurrency Price Today: बिटक्वाॅइन, DogeCoin सहित अन्य क्रिप्टोकरेंसी की कीमतों में गिरावट, चेक करें लेटेस्ट प्राइस

RBI लाएगी अपनी डिजिटल करेंसी 

भारतीय रिजर्व बैंक इस साल के अंत तक डिजिटल करेंसी का मॉडल ला सकता है। केंद्रीय बैंक के डिप्टी गवर्नर टी रवि शंकर ने 6 अगस्त 2021 को यह बात कही थी। तब उन्होंने कहा था कि डिजिटल मुद्रा लाने की तिथि बताना मुश्किल है। हम निकट भविष्य, संभवत: इस साल के अंत तक इसका मॉडल ला सकते हैं।

क्रिप्टोकरेंसी पर क्या है RBI का रुख 

क्रिप्टोकरेंसी को लेकर अपनी आपत्ति जताई है। केंद्रीय बैंक का कहना है कि क्रिप्टोकरेंसी वृहद आर्थिक और वित्तीय स्थिरता के लिए एक गंभीर खतरा है। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने एक कार्यक्रम में क्रिप्टोकरेंसी को अनुमति न देने संबंधी अपने विचारों को दोहराते हुए कहा था कि यह मुद्रा केंद्रीय बैंकों के नियमन के दायरे में नहीं आती है। ऐसे में किसी वित्तीय प्रणाली के लिए ये बड़ा जोखिम है।



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here