केरल, कर्नाटक और गोवा के तटीय इलाकों में रविवार को तबाही मचाने के बाद चक्रवात तौकते उत्तर में गुजरात की ओर बढ़ गया। चक्रवात के चलते तटीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ ही भारी बारिश हुई और समुद्र में ऊंची लहरें उठीं। चक्रवात के कारण हुई घटनाओं की चपेट में आकर छह लोगों की मौत हो गई जबकि सैकड़ों घरों का नुकसान पहुंचा और बिजली के खंभे एवं पेड़ उखड़ गए तथा लोगों को घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। कई इलाकों में बिजली की आपूर्ति बाधित हुई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान तौकते अगले 24 घंटे में और तीव्र हो सकता है और इसके सोमवार शाम तक गुजरात के तट पर पहुंचने की संभावना है। आईएमडी ने एक बुलेटिन में बताया कि यह मंगलवार तड़के तक पोरबंदर और भावनगर जिले में महुवा के बीच राज्य के तट को पार सकता है।

गुजरात में डेढ़ लाख लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाया गया
गुजरात में निचले तटीय इलाकों से करीब डेढ़ लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है जबकि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की 54 टीमों को तैनात किया गया है। वहीं, मौसम विभाग ने रविवार को कहा कि चक्रवात तौकते के चलते 17 मई को महाराष्ट्र के मुंबई, उत्तरी कोंकण, ठाणे और पालघर के हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने रायगढ़ में सोमवार को अत्यधिक भारी बारिश होने का पूर्वानुमान जताया है। चक्रवात संबंधी घटनाओं की चपेट में आकर कर्नाटक के उत्तर कन्नड़, उडुपी, चिकमगलूर और शिवमोगा जिलों में चार लोगों की मौत हो गई। चक्रवात के तबाही मचा कर केरल के तट से दूर जाने के बावजूद राज्य के बांधों में रविवार को जलस्तर में बढ़ोतरी देखी गई। आईएमडी ने तीन जिलों एर्नाकुलम, इडुक्की और मालप्पुरम के लिए रविवार को ऑरेंज अलर्ट जारी किया है जिसका मतलब है इन जिलों में भारी बारिश हो सकती है।

केरल में लोगों से सतर्क रहने को कहा गया
मध्य केरल के जिलों में कई बांधों के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश की सूचना है जिस वजह से अधिकारियों ने चेतावनी दी है। त्रिशूर प्रशासन ने कहा कि पेरिंगलकुथु बांध का जल स्तर 419.41 मीटर के पार जाता है तो बांध के शटर उठा दिए जाएंगे। एक बयान में प्रशासन ने चलकुडी नदी के तट पर रहने वाले लोगों से सतर्क रहने को कहा है। जिला अधिकारियों ने कहा कि जल स्तर बढ़ने पर इडुक्की जिले में मलनकरा बांध के शटर रविवार को खोल दिए जाएंगे। तटीय इलाकों में समंदर की ऊंची लहरें तबाही मचा रही हैं। तटीय इलाकों और निचले क्षेत्रों में रहने वाले सैकड़ों परिवारों के लोगों को राहत शिविरों में भेजा गया है। भारतीय नौसेना ने एर्नाकुलम जिले के तटीय गांव चेल्लानेम में अपने गोताखोर एवं त्वरित प्रतिक्रिया टीमें तैनात की हैं। राज्य सरकार के मुताबिक, कम से कम नौ जिले समुद्र के अशांत होने से प्रभावित हैं। 

गोवा में सुबह ही शुरू हो गई तेज बारिश
उधर, गोवा में रविवार सुबह से ही तेज हवाओं के साथ भारी बारिश शुरू हो गई। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि चक्रवात संबंधी घटनाओं के चलते गोवा में दो लोगों की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि चक्रवाती तूफान का सबसे अधिक असर उत्तर गोवा जिले की बारदेज तालुका और दक्षिण गोवा के मडगांव में महसूस किया गया। अधिकारियों ने बताया कि गोवा में तेज हवाओं के चलते कई जगहों पर बिजली के खंभे उखड़ गए, जिससे राज्य के कई भागों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोवा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में कुछ देर के लिए आपूर्ति प्रभावित हुई, जहां कोविड-19 मरीज उपचाराधीन हैं। अस्पताल की ऑक्सीजन आपूर्ति पर भी असर पड़ सकता था लेकिन इससे बचाव के मद्देनजर शनिवार को ही ऑक्सीजन टैंक स्थापित किया गया था।

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