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भाजपा का रास्ता रोक रहे हैं केजरीवाल
देश की राजनी​ति में यह कहावत सटीक बैठ रही है कि पैठ लगी नहीं लुटेरे पहले जमा हो गये हैं। दिल्ली पर कब्जा करने को भाजपा बुरी तरह कसमसा रही है। दिल्ली में सत्ता के लिये पिछले 26 सालों से भाजपा के लिये निष्कासन चल रहा है। नरेंद्र मोदी और अमित शाह के होते भाजपा अगर दिल्ली में सत्ता नहीं फतेह कर पाये तो भाजपा कभी भी दिल्ली फतेह नहीं कर पायेगीं मादी शाह के रहते भाजपा ने पूरे देश में अपनी विजय यात्रा कायम रखी है लेकिन दिल्ली में भाजपा का विजय रथ केजरीवाल ने रोक लिया है। इस बार भाजपा येन केण प्रकारेण सत्ता पाने को बेकरार है। लेकिन यह इतना आसान होता दिख नहीं रहा है। बुधवार 5 फरवरी को दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिये मतदान हुए। अब अटकलों का दौर शुरू हो गया है कि इस पार्टी की सरकार बनने जा रही है। दिल्ली मे वर्तमान सरकार ही फिर से बनेगी या सत्ता में परिवर्तन होने वाला है। प्रचार की माने तो भाजपा पूर्ण बहुमत की सरकार बनने जा रही है। सारे गोदी मीडिया के चैनल व अखबार यह प्रचारित करने में जुट गये हैं। भाजपा की ओर से यह प्रचार किया जा रहा है कि आट फरवरी को आपदा से दिल्ली मुक्त होने जा रही है। वैसे ये तो तय कि इस बार आम आदमी पार्टी के लिये बहुत आसान नहीं है। भाजपा पिछले सत्ताइस साल से दिल्ली में काबिज होने को बेकरार है। उसकी मंशा पर पहले कांग्रेस की शीला दीक्षित ने 15 साल तक रोड़े अटकाये। उसके बाद पिछले 10 सालों से आम आदमी पार्ट ने भाजपा के नकेल कस रखी है। दिलचस्प बात यह है कि चुनाव के परिणाम आठ फरवरी को आने हैं लेकिन भाजपा और आम आदमी पार्टी अपनी को लेकर काफी आश्वस्त दिख रहे हैं। वही भाजपा में तो सीएम फेस के लिये चर्चा भी शुरू हो गयी है। वही आम आदमी पार्टी के सीएम फेस तो पहले से ही केजरीवाल बताये गये हैं।
दिल्ली में भाजपा की साख दांव पर
इस बार का दिल्ली विधानसभा का चुनाव भाजपा के लिये करो या मरो का चुनाव है। अगर इस बार भी भाजपा हार गयी तो उसके लिये दिल्ली फतेह करने का ख्ताब कभी पूरा नहीं होने वाला है। भाजपा आज के समय में जितनी मजबूत है उतनी कभी नहीं रही है।

Modi Shah & Govt. don't want disclose the secret of Electoral bond through SBI in Supreme Court
Modi Shah & Govt. don’t want disclose the secret of Electoral bond through SBI in Supreme Court

भाजपा के लिये चुनाव प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है। ऐग्जिट पोल्स में भाजपा को जीतता दिखाया जा रहा है। ये भाजपा को राहत देता दिखायी दे रहा है। सभी मीडिया चैनल इस बात का प्रचार करने में जुटे हैं कि भाजपा और कांग्रेज का फायदा होगा नुकसान सिर्फ आम आदमी पार्टी का होने वाला है। वहीं आम आदमी पार्टी का मानना है कि पिछले दस सालों में किसी ऐग्जिट पोल में उनको जीतता नहीं दिखाया गया है। इस बार भी किसी पोल ने उन्हे जीतता नहीं दिखाया है। ये सब भाजपा के पेड सर्वे हैं।
भाजपा में चनाव जीतने के पहले ही सीएम फेस पर चर्चा
भाजपा अपनी चुनावी जीत के प्रति इतना आश्वस्त है कि पार्टी कार्यालय में दिल्ली सीएम के लिये नामों पर चर्चा भी शुरू हो गयी है। इस रेस में तीन चार नाम चर्चा आ गये हैं। लेकिन भाजपा नेतृत्व ने पिछले कई चुनाव जीतने पर सीएम बनाने में सबको चौंका दिया है। मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में चुनाव जीतने के बाद हाई कमान ने ऐसे लोगों के नाम पर मुहर लगायी जिन्हें पार्टी में भी अच्छी तरह नहीं जाना जाता था। तीनों जगहो पर दिग्गजों को दर किनार कर अनजाने चेहरों को सीएम बनाया गया है। ऐसा चमत्कार दिल्ली में भी होने से इनकार नहीं किया ेजा सकता है। वैसे जिन नामों पर चर्चा चल रही है उनमे भाजपा के दिग्गज नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के तौर पर विधायक विजेंद्र गुप्ता का नाम भी सीएम रेस में शामिल बताया जा रहा है। वही अकाली दल से भाजपा में शामिल होने वाले मनजिंदर सिंह सिरसा सिखों के चर्चित नेता भी सीएम रेस में बताये जा रहे हैं। लेकिन तीसरा एक नाम वो है जो ठीक चुनाव के पास आम आदमी पार्टी से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल होने वाले पूर्व मंत्री कैलाश गहलौत का नाम भी चर्चा में है।

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