Economic survey 2022: नव नियुक्त मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) वी अनंत नागेश्वरन ने बजट 2022 (Budget 2022) से पहले संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा आर्थिक सर्वेक्षण 2021-22 की प्रस्तुति के बाद आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। सीईए नागेश्वरन ने कहा, “आर्थिक सर्वेक्षण को प्रधान आर्थिक सलाहकार संजीव सान्याल और उनके सलाहकारों की टीम द्वारा तैयार किया गया है। सरकार ने चौतरफा दृष्टिकोण अपनाया है।”

सर्वेक्षण से पता चला है कि चालू वित्त वर्ष के दौरान भारत की अर्थव्यवस्था के 9.2% बढ़ने की उम्मीद है, जबकि 1 अप्रैल से शुरू होने वाले वित्तीय वर्ष में अर्थव्यवस्था के 8-8.5% बढ़ने की उम्मीद है क्योंकि सभी मैक्रो संकेतक संकेत देते हैं कि अर्थव्यवस्था चुनौतियों का सामना करने के लिए अच्छी तरह से तैयार है, कृषि और औद्योगिक उत्पादन वृद्धि में सुधार से मदद मिली। 

आर्थिक समीक्षा ने कोविड-19 महामारी की रोकथाम के लिए जारी टीकाकरण को न सिर्फ स्वास्थ्य बल्कि अर्थव्यवस्था को खोलने के लिहाज से भी बेहद अहम बताया है। संसद में सोमवार को पेश आर्थिक समीक्षा के मुताबिक, कोविड-रोधी टीका देश की बड़ी आबादी को लगना अर्थव्यवस्था के लिहाज से भी बहुत महत्वपूर्ण है। इसके मुताबिक, देश की 70 फीसदी से अधिक वयस्क आबादी को कोविड टीके की दोनों खुराकें लगाई जा चुकी हैं।

भारतीय अर्थव्यवस्था बेहतर स्थिति में है और यह 2022-23 की चुनौतियों से निपटने में सक्षम है। समीक्षा में कहा गया है कि निर्यात में मजबूत वृद्धि और राजकोषीय गुंजाइश होने से पूंजीगत व्यय में तेजी आएगी जिससे अगले वित्त वर्ष में वृद्धि को समर्थन मिलेगा। ‘‘देश की वित्तीय प्रणाली अर्थव्यवस्था के पुनरुद्धार को समर्थन देने की बेहतर स्थिति में है। वित्तीय प्रणाली की मजबूती से निजी निवेश में तेजी आने की संभावना है।’’

बता दें कि केंद्र सरकार ने शुक्रवार को अर्थशास्त्री वी अनंत नागेश्वरन को मुख्य आर्थिक सलाहकार नियुक्त किया है। क्रेडिट सुइस ग्रुप एजी और जूलियस बेयर ग्रुप के साथ काम कर चुके और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े नागेश्वरन अब के वी सुब्रमण्यम का स्थान लेंगे, जिन्होंने अपना तीन साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद दिसंबर 2021 में सीईए का पद छोड़ दिया था। इस पद पर नियुक्ति से पहले नागेश्वरन लेखक, शिक्षक और सलाहकार के रूप में काम कर रहे थे। वह भारत और सिंगापुर के कई बिजनेस स्कूलों और प्रबंधन संस्थानों में पढ़ा भी चुके हैं। 

वह आईएफएमआर ग्रेजुएट स्कूल ऑफ बिजनेस के डीन भी रह चुके हैं। डॉक्टर नागेश्वरन 2019 से 2021 तक प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के अशंकालिक सदस्य भी रह चुके हैं। देश में आम बजट से पहले पेश होने वाली आर्थिक समीक्षा को तैयार करने की जिम्मेदारी मुख्य आर्थिक सलाहकार की होती है।



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here