देशभर के करीब 40-50 लाख लोगों को ईपीएफ के ब्याज के लिए अभी लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। हिन्दुस्तान को सूत्रों के जरिये मिली जानकारी के मुताबिक तकनीकी दिक्कत की वजह से इन लोगों के खातों में ब्याज का पैसा आने में 15-20 दिन का समय और लगेगा।

सूत्रों ने बताया है कि सॉफ्टवेयर की तकनीकी मुश्किल की वजह से कई लोगों के खातों में ब्याज का पैसा नहीं गया। इसके पीछे वजह ये बताई जा रही है कि किसी भी कंपनी में अगर एक भी व्यक्ति के ईपीएफ खाते में कोई दिक्कत है, तो सॉफ्टवेयर के जरिये उस पूरे संस्थान के लोगों का ब्याज उनके खातों में क्रेडिट नहीं हो पा रहा है। मामले से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक सॉफ्टवेयर में बदलाव को लेकर काम युद्ध स्तर पर जारी है। उम्मीद है कि अगले 15-20 दिनों के भीतर बचे हुए लोगों के खातों में भी ब्याज की रकम पहुंचा दी जाएगी।

देरी पर अतिरिक्त ब्याज मिलेगा:
अधिकारी ने बताया कि नोटिफिकेशन की अवधि से जितने भी दिनों की देरी तकनीकी मुश्किलों की वजह से हुई है उसका भी ब्याज लोगों के ब्याज के साथ खातों में क्रेडिट किया जाएगा। केंद्र सरकार ने नए साल की शुरुआत से ठीक पहले 31 दिसंबर 2020 को लोगों के खातों में वित्त वर्ष 2019-20 का ईपीएफ ब्याज देने का ऐलान किया था।

एकमुश्त रकम मिलेगी:
श्रम और रोजगार मंत्री संतोष गंगवार ने ऐलान किया था कि लोगों को 8.5 प्रतिशत का पूरा ब्याज एक साथ दिया जाएगा। पहले सरकार ये रकम दो हिस्सों में देने की तैयारी में थी। इसका पहला 8.15 फीसदी हिस्सा पिछले साल दीवाली तक खातों में पहुंचना था। वहीं बाकी का 0.35 फीसदी हिस्सा दिसंबर में दिया जाना था। लेकिन फिर पूरी रकम एकमुश्त दिसंबर में ही देना का फैसला किया गया। देश में करीब साढ़े छह करोड़ ईपीएफ खाते हैं जिनमें लोग अपना अंशदान देते हैं।

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