कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) वित्त वर्ष 2019-20 के लिए करीब छह करोड़ अंशधारकों के कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) खातों में अगल सात दिन यानी 31 दिसंबर तक एकमुश्त 8.5 प्रतिशत का ब्याज डालेगा। इससे पहले सितंबर में श्रम मंत्री संतोष गंगवार की अगुवाई में हुई न्यासियों की बैठक में ईपीएफओ ने ब्याज को 8.15 प्रतिशत और 0.35 प्रतिशत की दो किस्तों में डालने का फैसला किया था।

एक उच्चपदस्थ सूत्र ने कहा कि श्रम मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय को 2019-20 के लिए ईपीएफ में एक बार में 8.5 प्रतिशत का ब्याज डालने का प्रस्ताव भेजा है। यह प्रस्ताव इसी महीने भेजा गया है। सूत्र ने कहा कि इस प्रस्ताव पर वित्त मंत्रालय की मंजूरी कुछ दिन में मिलने की उम्मीद है। ऐसे में अंशधारकों के खातों में ब्याज इसी महीने 1 जनवरी से पहले डाला जाएगा।

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) में कर्मचारी और नियोक्ता मूल वेतन (Basic Pay) और महंगाई भत्ता (Dearness allowance) का 24 प्रतिशत जमा करवाते हैं। ईपीएफओ पीएफ पर ब्याज निकालकर लभार्थियों के खाते में जमा करती है।

ऐसे केलकुलेट होता है ब्याज
यदि चालू वर्ष के दौरान कोई राशि निकाली जाती है तो, ब्याज की रकम साल की शुरुआत से लेकर निकासी के तुरंत पहले वाले महीने की ली जाती है। आपका साल का क्योजिंग बैलेंस उसका ओपनिंग बैलेंस होगा+कंट्रीब्यूशन-निकासी (यदि कोई है तो)+ब्याज से निकाला जाता है।

उदाहरण के लिए यदि ब्याज दर 8.65% है और ओपनिंग बैलेंस 1,12,345 रुपये और पीएफ में से 25,000 रुपये निकाले गए हैं तो कैलकुलेशन इस तरह होगी। ओपनिंग बैलेंस 1,12,345 रुपये है तो कुल मासिक बैलेंस ₹11,04,740 हो जाएगा। ब्याज 1104740 X (8.65/1200) = ₹7,963, हो जाएगा। इस प्रकार से साल का क्लोजिंग बैलेंस हो जाएगा ओपनिंग बैलेंस+कंट्रीब्यूशन-निकासी+ब्याज ₹1,12,345 + ₹1200 – 25000 + ₹7963 = ₹96,508

 

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