मेडिकल इमरजेंसी होने के बावजूद रमेश ने अपने प्रोविडेंट फंड यानी ईपीएफ का इस्तेमाल नहीं किया। रमेश को उम्मीद थी कि उसकी गैरमौजूदगी में परिवार को बेहद आसानी से पीएफ का क्लेम मिल जाएगा। हालांकि, रमेश की एक चूक की वजह से परिवार को पीएफ, पेंशन (ईपीएस) और बीमा (ईडीएलआई) क्लेम के लिए काफी परेशानी हो रही है। 

क्या है चूक: दरअसल, ईपीएफ खाताधारक यानी रमेश ने ई-नॉमिनेशन की प्रक्रिया को पूरी नहीं की थी। इस वजह से ईपीएफ खाताधारक के परिवार को क्लेम के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। घटना से सबक लेकर ईपीएफ खाताधारक को ई-नॉमिनेशन की प्रक्रिया को पूरी कर लेनी चाहिए।  

ई-नॉमिनेशन की प्रक्रिया:  
-सबसे पहले ईपीएफओ के लिंक- https://unifiedportal-mem.epfindia.gov.in/memberinterface/ पर विजिट करना होगा। 
– इसके बाद जो नया पेज खुलेगा, वहां UAN और पासवर्ड से लॉग इन करें। 
– इसके अगले स्टेप में मैनेज टैब के तहत ई-नॉमिनेशन को सेलेक्ट करें।
– यहां स्क्रीन पर प्रोवाइड डिटेल्स टैब दिखाई देगा, जहां सेव पर क्लिक करें।
–  अगले स्टेप में फैमिली डिक्लेरेशन के लिए Yes पर क्लिक करना होगा। 
– इसके बाद Add फैमिली डिटेल्स पर क्लिक करें। यहां आप एक से ज्यादा नॉमिनी को जोड़ सकते हैं।

– इसके अगले स्टेप में टोटल अमाउंट शेयर के लिए नॉमिनेशन डिटेल्स पर क्लिक करें। इसके बाद सेव ईपीएफ नॉमिनेशन पर क्लिक करना होगा। 
– अब अगले स्टेप में ई-साइन पर क्लिक करना होगा। ये ओटीपी उसी मोबाइल नंबर पर जाएगा जो आधार से रजिस्टर्ड है। 
– इस स्टेप के बाद ई-नॉमिनेशन EPFO ​​में रजिस्टर हो जाता है। बता दें कि इस प्रक्रिया के होने के बाद आपको किसी तरह के फिजिकल डॉक्युमेंट की जरूरत नहीं होगी।  बता दें कि ईपीएफओ समय-समय पर अपने खाताधारकों को ई-नॉमिनेशन की प्रक्रिया पूरी करने की सलाह देता है। 

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