Retired Judges of Supreme court who takes oth of Governors in States

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भारत के राष्ट्रपति ने रविवार 12 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट से सेवानिवृत्त जस्टिस एस अब्दुल नज़ीर को आंध्र प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किया। न्यायमूर्ति नज़ीर 4 जनवरी को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में सेवानिवृत्त हुए। कर्नाटक उच्च न्यायालय से पदोन्नत होने के बाद उन्हें 17 फरवरी, 2017 को सर्वोच्च न्यायालय में नियुक्त किया गया। जस्टिस एस अबब्दुल नजीर ने हाल ही में नोटबंदी को लेकर सरकर के फैसले को सही ठहराया था। इससे पहले 2019 में अयोध्या राम मदिर और बाबरी ​मस्जिद मामले में सरकार के राम मंदिर मुद्दे पर उनके पक्ष को सही ठहराया जिसकी वजह से और सरकार के पक्ष में फैसला आया। इस बात से मोदी सरकार और भाजपा को भारी राजनीतिक फायदा मिला। यूपी के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिये इस फैसले का जमकर प्रयास किया। यह भी जताया कि भाजपा की वजह से ही सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर निर्माण का फैसला हिन्दुओं के पक्ष में लिया गया।
जस्टिस नज़ीर (सेवानिवृत्त) बाबरी मस्जिद मामले का फैसला करने वाली सुप्रीम कोर्ट की पाँच सदसीय बेंच में थे। हालाँकि, न्यायमूर्ति नज़ीर सर्वोच्च न्यायालय से सेवानिवृत्ति के बाद राज्यपाल के रूप में नियुक्त होने वाले पहले सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश नहीं हैं। न्यायमूर्ति नज़ीर से पहले, सुप्रीम कोर्ट के दो सेवानिवृत्त न्यायाधीशों यानी भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति पी सदाशिवम और पूर्व न्यायमूर्ति एम फातिमा बीवी को राज्यों का राज्यपाल नियुक्त किया गया था। भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश (CJI) पी सदाशिवम को 2014 में केरल के राज्यपाल के रूप में नियुक्त किया गया था। सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश और सर्वोच्च न्यायालय की पहली महिला न्यायाधीश एम फातिमा बीवी ने 1997 से 2001 तक तमिलनाडु के राज्यपाल के रूप में कार्य किया। 1989 में सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश के रूप में नियुक्त होने के बाद वह 1992 में सेवानिवृत्त हुईं।
राज्यपाल फातिमा बीवी ने 1 जुलाई, 2001 को अपने पांच साल के कार्यकाल की समाप्ति से पहले, जे जयललिता को उस वर्ष मई में सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने के अपने फैसले पर विवाद के साथ-साथ अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के साथ घर्षण के कारण इस्तीफा दे दिया।

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