राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली हिंसा में 26 जनवरी को किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान जान गंवाने वाले नवरीत सिंह के परिजनों से मुलाकात करने गुरुवार को रामपुर पहुंची कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने सरकार से यह सवाल किया कि आखिर दिल्ली सीमा पर इतनी फौज की तैनाती क्यों की गई है. उन्होंन कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जब ये कहते हैं कि वे महज एक फोन कॉल की दूरी पर हैं तो उनका घर भी ज्यादा दूर उन आंदोलनकारी किसानों के प्रदर्शन स्थल से नहीं है. ऐसे में पीएम मोदी को खुद जाकर उन किसानों के साथ बातचीत कर उसका हल निकालना चाहिए.

उन्होंने कहा कि ये किसान हैं, देशवासी है. ऐसे में समाधान क्यों नहीं पूरे मुद्दे का किया जा रहा है. प्रियंका गांधी ने कहा कि तीनों कानूनों की किसान सरकार से वापसी चाहते हैं और वे उनके साथ हैं.

प्रियंका बोलीं- नए कानूनों से किसानों की टूटी जा रही कमर

एबीपी न्यूज से बात करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि नवरीत के परिवार वाले चाहते हैं कि उसकी मौत की न्यायिक जांच हो और वे परिवार की इस मांग का समर्थन करते हैं. कांग्रेस महासचिव ने आगे कहा कि केन्द्र सरकार की तरफ से लाए गए तीन नए कृषि सुधार संबंधी कानूनों के चलते किसानों की कमर टूटी जा रही है.

यूपी के एक किसानों का उदाहरण देते हुए प्रियंका ने कहा एक किसान ने 40 क्विंटल गोभी इसलिए फेंक दी क्योंकि एक रुपये का भाव मिल रहा था. उन्होंने कहा कि अगर सचमुच किसानों का संघर्ष नहीं है तो क्यों वे सभी इतने दिनों से बैठे हुए हैं.

किसानों को आंतकी कहना ‘पाप’

प्रियंका गांधी ने पूछा कि आखिर किसानों का आतंकवादी क्यों कहा जा रहा है. उन्होंने कहा कि एक तरफ जो जवान सीमा पर तैनात हैं वे इन किसानों का ही बेटा हैं. दूसरी तरफ इन किसानों को आतंकवादी कहा जा रहा है. ये पाप है, ऐसा नहीं कहा जाना चाहिए.

गौरतलब है कि 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर नई दिल्ली में ट्रैक्टर रैली के दौरान हुए हादसे में नवरीत सिंह की मौत हो गई थी. रामपुर पहुंचते वक्त रास्ते में हापुड़ जिले में प्रियंका के काफिले में शामिल तीन वाहन दुर्घटनावश एक-दूसरे से टकरा गए. प्रदेश कांग्रेस मीडिया संयोजक ललन कुमार ने बताया कि गजरौला के पास हुए इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ. उन्होंने बताया कि घटना में कुछ वाहन क्षतिग्रस्त हुए, मगर थोड़ी ही देर के बाद प्रियंका अपनी मंजिल की तरफ रवाना हो गईं.



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