सोशल मीडिया पर आजकल एक खबर वायरल हो रही है, जिसमें कहा जा रहा है कि मोदी सरकार ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना के तहत एक फॉर्म बांट रही है। इसको लेकर यह दावा किया जा रहा है कि सभी बेटियों को 2 लाख रुपए दिए जाएंगे। PIBFactCheck ने इस दावे की पड़ताल की तो इसे फर्जी पाया। पीआईबी ने कहा है कि ऐसे किसी भी तरह के फॉर्म का वितरण अवैध है व इस योजना के तहत किसी भी तरह का नगद प्रोत्साहन नहीं दिया जाता है।
दावा: बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के नाम पर बांटे जा रहे एक फॉर्म में यह दावा किया जा रहा है कि सभी बेटियों को 2 लाख रूपए दिए जायेंगे।#PIBFactCheck: यह फॉर्म फर्जी है। ऐसे किसी भी तरह के फॉर्म का वितरण अवैध है व इस योजना के तहत किसी भी तरह का नगद प्रोत्साहन नहीं दिया जाता है। pic.twitter.com/rQXZX45EUN
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) October 1, 2020
वहीं एक अन्य फेक न्यूज वायरल हो रही है। इसमें दावा किया जा रहा है कि मोदी सरकार हर बीपीएल श्रेणी के परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। दावे में कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री बालिका अनुदान योजना के तहत ये सहयता उपलब्ध कराई जा रही है। पीआईबी फैक्ट चेक ने कहा है कि मोदी सरकार की कोई ऐसी योजना नहीं चल रही है।
दावा:- एक वेबसाइट पर दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार ‘प्रधानमंत्री बालिका अनुदान योजना’ के तहत बीपीएल श्रेणी के परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए ₹50,000 की आर्थिक सहायता प्रदान करेगी।#PIBFactCheck:- यह दावा फ़र्ज़ी है। केंद्र सरकार द्वारा ऐसी योजना नहीं चलाई जा रही है। pic.twitter.com/FTqD31uJyW
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) September 29, 2020
इससे पहले एक और फेक खबर आई थी कि मोदी सरकार हर बच्ची को प्रधानमंत्री कन्या आयुष योजना के तहत 2000 रुपये की राशि मुहैया करा रही है। पीआईबी फैक्ट चेक ने कहा है कि मोदी सरकार की कोई ऐसी योजना नहीं चल रही है, जिसमें 2000 रुपये बच्चियों को दिए जा रहे हैं। सरकार की इस आधिकारिक ट्वीटर हैंडल से लोगों को अगाह किया गया है कि ऐसे फेक स्कीम के झांसे में न आएं।
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अगर आपके पास भी अगर ऐसी खबर मैसेज या उसका लिंक आता है तो सचेत हो जाएं। इस लिंक पर क्लिक करके आपको फॉर्म भरने के लिए कहा जाता है, न तो लिंक पर क्लिक करें और न ही फॉर्म को भरकर अपनी कोई जानकारी दें। अगर किसी तरह के शुल्क या पैसे की बात मांग की जाती है, तो इससे भी बचें, आप फ्रॉड का शिकार हो सकते हैं।
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ऐसी किसी भ्रामक खबर की यहां करें शिकायत: बता दें कि सरकार से जुड़ी कोई खबर सच है या फर्जी, यह जानने के लिए PIB Fact Check की मदद ली जा सकती है। कोई भी व्यक्ति PIB Fact Check को संदेहात्मक खबर का स्क्रीनशॉट, ट्वीट, फेसबुक पोस्ट या यूआरएल वॉट्सऐप नंबर 918799711259 पर भेज सकता है या फिर pibfactcheck@gmail.com पर मेल कर सकता है।







