सिंघु बॉर्डर पर सुरक्षा बढ़ाई गई
सिंघु बॉर्डर पर सुरक्षा बढ़ाई गई, जहां पिछले दो महीनों से किसान प्रदर्शन कर रहे हैं।
Delhi: Security heightened at Singhu border where farmers are protesting against #FarmLaws. pic.twitter.com/fd0VPGIjpO
— ANI (@ANI) January 27, 2021
लाल किले पर कड़ी सुरक्षा
गणतंत्र दिवस के मौके पर किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान की घटना को देखते हुए लाल किले पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
Delhi: Security tightened at Red Fort in the national capital.
A group of protestors climbed to the ramparts of the fort and unfurled flags yesterday. pic.twitter.com/ovGx9mugzS
— ANI (@ANI) January 27, 2021
दिल्ली पुलिस ने 15 FIR दर्ज कीं
दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने कहा कि कल किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा के संबंध में 15 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। अब तक ईस्टर्न रेंज में 5 एफआईआर दर्ज की गई हैं।
15 FIRs have been registered in connection with the violence during farmers’ tractor rally yesterday. So far, 5 FIRs have been lodged in Eastern Range: Delhi Police Sources
— ANI (@ANI) January 27, 2021
दिल्ली पुलिस ने दर्ज कीं 15 एफआईआर
26 जनवरी को किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान बवाल और हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस ने एक्शन लेना शुरू कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो ट्रैक्टर मार्च के दौरान दिल्ली में हुई हिंसा को लेकर पुलिस ने अब तक कुल 15 एफआईआर दर्ज कर ली हैं। पुलिस का मानना है कि एफआईआर की संख्या में अभी और बढ़ोतरी हो सकती है।
गृह मंत्रालय का एक्शन औक इंटरनेट सेवा बैन
गणतंत्र दिवस के दिन दिल्ली में बवाल के बाद गृह मंत्रालय हरकत में आया और उसने सबसे पहले स्थिति का जायजा लिया और दिल्ली-एनसीआर के कुछ इलाकों में इंटरनेट बंद करवाया। दूरसंचार विभाग के मुताबिक, संचार सेवा कंपनियों को भेजे गए एक सरकारी आदेश में गणतंत्र दिवस के दिन सिंघू, गाजीपुर, टीकरी, मुकरबा चौक और नांगलोई तथा उनसे लगे दिल्ली के इलाकों में दोपहर 12 बजे से रात 11 बज कर 59 मिनट तक इंटरनेट सेवा अस्थायी तौर पर स्थगित करने का निर्देश दिया गया है। हालांकि, अब भी कुछ इलाकों में इंटरनेट सेवा बैन है।
दिल्ली हिंसा में 100 से अधिक घायल
ट्रैक्टर परेड में हुई हिंसा में 83 पुलिसकर्मियों सहित 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं और 25 वाहनों में तोड़फोड़ की गई। ट्रैक्टर परेड के दौरान किसानों ने 88 बैरिकेड्स तोड़े, चार क्रेन, डीटीसी की आठ बस और 17 निजी वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। इतना ही नहीं, लाल किला हिंसा मामले में भी कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। यहां पर किसान आंदोलनकारियों ने दिल्ली पुलिस के वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया। फिर जबरन लाल किला के अंदर घुस गये और प्रवेश द्वार पर लगे स्कैनर और मेटल डिटेक्टर आदि को तोड़ दिया। इस दौरान उन्होंने सामने आने वाली सभी वस्तुओं को नष्ट कर दिया। आलम यह था कि किसानों से बचने के लिए पुलिसकर्मी किले की दीवार से सटी बीस फीट गहरी खाई में कूद गए। इसकी वजह से कई पुलिसकर्मियों के हाथ पैर टूटे हैं।
प्रदर्शनकारी किसानों ने की वादाखिलाफी
किसानों की ट्रैक्टर रैली के लिए दिल्ली पुलिस ने पहले से ही रूट निर्धारित किए थे। किसान संगठनों ने भी पुलिस की इन शर्तों को मंजूर किया था, मगर गणतंत्र दिवस की सुबह से ही ट्रैक्टर परेड की तस्वीर बदलती गई। प्रदर्शनकारी किसानों ने रूट को फॉलो नहीं किया और जगह-जगह बैरिकेड्स को तोड़कर आगे बढ़ते गए। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए जहां-जहां डीटीसी की बसें थी, ट्रैक्टर से प्रदर्शनकारी किसानों ने उसे तोड़ो और धक्का देकर हटा दिया। प्रदर्शनकारी किसानों ने जमकर तोड़फोड़ की और बवाल काटा।







