आज के समय में भी बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जो पैसे को ऐसी जगह लगाना चाहते हैं जहां रिटर्न की गारंटी हो। ऐसे लोग रिस्क कम लेना पसंद करते हैं। इस तरह के लोगों का रुझान बैंक एफडी, पब्लिक प्रोविडेंट फंड, सुकन्या समृद्धि योजना जैसी स्कीम की तरफ रहता है। लेकिन यह सभी स्कीम 80 सी के तहत मिलने वाली छूट के बाद भी टैक्स के दायरे में आते हैं। आइए जानते हैं कि कौन-कौन सी स्कीम पर तीन अलग-अलग स्तर पर मिलने वाली छूट नहीं मिलती।
क्या होता है EEE स्टेटस
EEE का मतलब छूट, छूट, छूट (exempt, exempt, exempt) है। जब आप निवेश करते हैं तब आपको 80 सी के तहत छूट मिलती है। दूसरी छूट का मतलब अपने बचाए हुए धन के दौरान अर्जित रिटर्न पर कोई कर नहीं देना है। तीसरी और अंतिम छूट का मतलब है कि जब पैसा निकालते हैं तब भी धन राशि पूरा कर मुक्त हो। EEE स्टेटस अमूमन लाॅन्ग टर्म इनवेस्टमेंट पर मिलता है।
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बैंक FD (फिक्सड डिपाॅजिट) पर कैसे टैक्स लगता है?
बैंक एफडी पर पूरी तरह से टैक्स के दायरे में आता है। बैंक एफडी से होने वाली ब्याज की कमाई पर TDS 10 फीसदी की दर से लगता है। अगर आप अपने रिटर्न की गारंटी चाहते हैं तो यह एक अच्छा निवेश ऑप्शन है आपके लिए।
पीपीएफ (पब्लिक प्रोविडेंट फंड)
आयकर अधिनियम के सेक्शन 80सी के तहत आप 1.5 लाख तक के निवेश पर टैक्स छूट ले सकते हैं। पीपीएफ अकाउंट की मेच्योरिटी 15 साल की होती है, लेकिन उसे 5-5 साल के लिए आगे बढ़ाया जा सकता है।
सुकन्या समृद्धि योजना इंवेस्टमेंट
पीपीएफ की तरह सुकन्या समृद्धि योजना भी टैक्स मुक्त होता है। यह भी EEE यानी तीन अलग-अलग स्तर पर टैक्स छूट मिलता है। इस योजना में किया गया इनवेस्टमेंट 80सी के तहत छूट के दायरे में आता है। आज के समय सुकन्या समृद्धि योजना एक बेहतर विकल्प है।







