Agniveer Amritpal's death in news, family persons are sad that sena did not provide gaurd of honour his martyr young Son
Agniveer Amritpal's death in news, family persons are sad that sena did not provide gaurd of honour his martyr young Son

#Agniveer Agnipath Yojna# PMO# Defance Ministery# Rajnath Singh# Ex Gen. MM Narvane# Book 4 Stars of Dsitiny# Unemployment# Demand of Govt. Jobs# Oppose of Agnivir Yojna#

किस डिफेंस अफसर ने किया अग्निवीर योजना के सच का खुलासा

पिछले दो तीन साल से मोदी सरकार ने अग्निवीर अग्निपथ योजना जमकर प्रचार प्रसार किया। प्रचार इस तरह किया जैसे कि ये योजना सेना के प्रपोजल पर लांच की गयी है। इस योजना को लेकर कांग्रेस ने काफी सवाल उठाये हैं। देश के युवाओं के मन में इस स्कीम के ​लिये काफी सवाल हैं। सरकार और रक्षा मंत्रालय ने अपनी इस स्कीम के लिये काफी विज्ञापनों के जरिये प्रचार प्रसार किया। मीडया में भी फौज में भर्ती की इस स्कीम की काफी तारीफ में कार्यक्रम किये। लेकिन असलियत तो यह है कि इस योजना को पीएमओ से थोपा गया था। इस बात का खुलासा मनोज मुकुंद नरवणे ने रिटायर होने के बाद अपनी  किताब मेंं किया है। पूर्व सेनाध्यक्ष ने अपनी किताब 4 स्टार्स आफ डेस्टिनी में अग्निवीर योजना के कई रहस्यों पर से पर्दा उठाया है। दिलचस्प बात यह है कि पूर्व सेनाध्यक्ष की किताब उस वक्त चर्चा में आयी है जब आम चुनाव सिर पर हैं। पीएम मोदी तीसरी बार पीएम बनने की फिराक में हैं उसी दौरान नरवणे की इस हैरत अंगेज राज पर से पर्दा उठाया गया है। जब सरकार की ओर से इस भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया गया तो सेना के सभी चीफ हैरान रह गये थे। अब एक सवाल कौंध रहा है कि क्या मोदी सरकार नरवणे की इस किताब को अवाम तक पहुंचने देगी। हो सकता है कि बीजेपी और आई टी सेल जल्द ही सोशल मीडिया पर एण्टीनेशलिस्ट घोषित कर उनके खिलाफ ट्रोलिंग शुरू कर देगी।

A book written by ex army chief MM narvane 4 stars of Destiniy is ni lime lite
A book written by ex army chief MM narvane 4 stars of Destiniy is ni lime lite

2020 में पीएम को टूर ऑफ ड्यूटी स्कीम का प्रस्ताव दिया गया था

जनरल मनोज मुकुंद नरवणे 31 दिसंबर 2019 से 30 अप्रैल 2022 तक सेना प्रमुख के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने अपनी किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ में लिखा कि उन्होंने 2020 में PM मोदी को ‘टूर ऑफ ड्यूटी’ स्कीम का प्रस्ताव दिया था। इसमें अग्निवीरों की तरह ही जवानों को कुछ समय के लिए भर्ती करने का सुझाव दिया था, जो सिर्फ इंडियन आर्मी के लिए मान्य था। नरवणे ने लिखा-कुछ समय बाद प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) अग्निपथ योजना लेकर आया। इसमें थल सेना के साथ-साथ वायु सेना और नौसेना को भी शामिल किया गया। इस योजना ने आर्मी से ज्यादा वायु सेना और नौसेना को चौंकाया।

 सेना ने 75% जवानों को सेवा में बनाए रखने की अपील की थी

नरवणे ने किताब में लिखा कि अग्निपथ योजना को लेकर बाद में कई बार चर्चा हुई। इसमें सेना ने 75% जवानों को सेवा में बनाए रखने और 25% को सेना से मुक्त करने की बात कही थी। लेकिन जब जून 2022 में सेना की अग्निपथ योजना शुरू हुई तो सिर्फ 25% अग्नीवीर को ही कार्यकाल के बाद 15 साल तक सेवा में रखने का फैसला लिया गया।

Agniver Akshaya Laxman given his life at Siyachin Glashier. Sena gave full national hnour and slute at Sena Head Quarer
Agniver Akshaya Laxman given his life at Siyachin Glashier. Sena gave full national hnour and slute at Sena Head Quarer

 वेतन बढ़ाने की भी की थी सिफारिश

नरवणे ने अपनी किताब में लिखा कि अग्नीवीरों का वेतन 20,000 रुपए प्रति माह फाइनल किया गया था। लेकिन फिर सेना इनके वेतन में वृद्धि की सिफारिश की थी। सेना का मानना था कि अग्नीवीर देश के लिए अपनी जान भी देने को तैयार थे। सेना की सिफारिशों के बाद वेतन बढ़ाकर 30,000 रुपए किया गया।

अग्निपथ योजना विनाशकारी नीति

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने मंगलवार (19 दिसंबर) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा- अग्निपथ योजना बिना किसी विचार-विमर्श के लाई गई विनाशकारी नीति थी। नरवणे ने अपनी किताब में इस बात को कन्फर्म किया है। संसद के 141 निलंबित सांसदों की खबरों के बीच ये खबर भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

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