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आखिरकार पीएम मोदी ने राष्ट्र के नाम संदेश
देते हुए दो अहम् ऐलान किया।
पहला यह कि अब कोविड से लड़ने के लिये टीकाकरण कार्यक्रम पूरी तरह से केन्द्र सरकार की निगरानी में होगा और इसका सारा खर्च भी मोदी सरकार उठायेगी। 18 से 44 साल के लोगों को 21 जून से भारत सरकार वैक्सीन लगवायेगी। केन्द्र सरकार अब सभी राज्यों को आबादी के अनुसार वैक्सीन फ्री मे उपलब्ध करायेगी। दूसरा बड़ा ऐलान यह है कि पीएम गरीब कल्याण योजना के तहत देश के 80 करोड़ लोगों को दीपावली तक मुफ्त राशन दिया जायेगा। पीएम मोदी के इस ऐलान का जहंा भाजपा शासित राज्यों ने सराहा है वहीं विपक्ष ने मोदी सरकार पर यह आरोप लगाया है कि चार माह बाद टीकाकरण कार्यक्रम में कई फेरबदल किये गये हैं। इससे लोगों को कोरोना का टीका नहीं लग पाया। भारी तादाद में यूवा वैक्सीन लगवाने से छूट गये। मोदी सरकार की लापरवाही के कारण ही बहुत सारे लोगों को अभी तक वैक्सीन नहीं लगी।
मोदी सरकार जहां एक तरफ इसे बहुत बड़ी उपलब्धि मान कर पीठ
थपथपा रही है तो आप, टीएमसी और कांग्रेस इसे केन्द्र की बहुत बड़ी नाकामी गिना रही है। यह भी कहा जा रहा है कि अगले साल लगभग आधा दर्जन प्रदेशों में चुनाव होने वाले हैं वहां भाजपा की छवि सुधारने के लिये पीएम मोदी ने टीकाकरण कार्यक्रम में बदलाव किया है। यूपी, पंजाब, गोवा, मणिपुर ओर उत्तराखंड में अगले चुनाव होने हैं। इन सभी प्रदेशों में गोवा, उत्तराखंड और यूपी में भाजपा की सरकारें है। मणिपुर में भाजपा गठबंधन की सरकार है। पंजाब में वैसे भी भाजपा का कोई संगठन नहीं है वहां उसका अकाली दल से गठबंधन रहता था। लेकिन पिछले साल किसान आंदोलन के चलते अकाली दल ने मोदी सरकार से समर्थन वापस लेे लिया था। इसलिये पंजाब में भाजपा के हाथ कुछ लगेगा इस बात पर संदेह है।
ऐसा ही कुछ यूपी और उत्तराखंड में दिख रहा है। यूपी में आदित्यनाथ योगी की कार्य प्रणाली और अक्खड़ रवैये से जनता और बीजेपी कार्यकर्ताओं में रोष व्याप्त है। इस बात की भनक मोदी शाह के अलावा भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को भी है। लेकिन योगी के अढ़ियल रवैये से सभी वाकिफ है। योगी को बदलने की बात सीधे तौर पर बताने की हिम्मत किसी भी नेता के पास नहीं है। अगर ऐसा होता है तो योगी अपने 200 विधायकों के साथ बागी हो सकते हैं।
उत्तराखंड में भी केन्द्रीय भाजपा ने सीएम पद से त्रिवेंद्र सिंह रावत को हटा कर तीरथ राज सिंह को नया सीएम नियुक्त किया है। इससे त्रिवेंद्र सिंह भी नाराज है। उन्हे लग रहा है कि उन्हें बिना किसी कारण के पद से हटाया गया है। गाहे बगाहे वो भी सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जताते रहते है। नये सीएम तीरथ राज भी अपने अटपटे बयानों से चर्चा में बने रहते है। उनके पास भी प्रशासन चलाने का कोई अनुभव नहीं है जिससे वो प्रदेश को सही तरह हैंडिल नहीं कर पा रहे है। वैसे भी कांग्रेस भी उत्तराखंड में वापसी को एड़ी चोटी का जोर लगाती दिख रही है। लेकिन इस बार उत्तराखंड में कांग्रेस के अलावा आम आदमी पार्टी भी पूरे जोरशोर के साथ चुनावी मैदान में ताल ठोक रही है। पिछले कई सालों से आम आदमी पार्टी अपना संगठन उत्तराखंड में खड़ा करने का सफल प्रयास कर रही है। भाजपा सरकार के खिलाफ आंदोलन करने में आप कार्यकर्ता सबसे आगे हैं। इनके विरोध के कारण भाजपा के केन्द्रीय नेतृत्व ने त्रिवेद्र सिंह रावत को हटा कर तीरथ सिंह रावत को प्रदेश की कमान थमा दी। त्रिवेद्र सिंह की बिदायी से आम आदमी पार्टी के हौसले काफी बढ़ गये है। भाजपा को आम आदी पार्टी ही सीधी टक्कर देती दिखाई दे रही है।







