गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (गोल्ड ईटीएफ) से निवेशकों ने जुलाई में 61 करोड़ रुपये से अधिक की निकासी की है। इससे पहले लगातार सात माह तक गोल्ड ईटीएफ में निवेश का प्रवाह देखने को मिला था। इस दौरान आकर्षक रिटर्न की वजह से शेयरों तथा ऋण कोषों में निवेशकों का रुझान बढ़ा है जिसकी वजह से वे गोल्ड ईटीएफ से निकासी कर रहे हैं। 
     
एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के आंकड़ों के अनुसार, इस श्रेणी में नकारात्मक प्रवाह के बावजूद जुलाई में फोलियो की संख्या बढ़कर 19.13 लाख हो गई,जो इससे पिछले महीने 18.32 लाख थी। फरवरी, 2020, दिसंबर, 2020 और जुलाई, 2021 को छोड़कर अगस्त, 2019 से ईटीएफ में निवेश लगातार बढ़ रहा है।

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आंकड़ों के अनुसार, गोल्ड ईटीएफ श्रेणी में दिसंबर, 2020 से निवेश का प्रवाह लगातार बढ़ रहा है। इस साल जुलाई में गोल्ड ईटीएफ से 61.5 करोड़ रुपये की निकासी हुई। इससे पिछले महीने यानी जून में गोल्ड ईटीएफ में 360 करोड़ रुपये का निवेश हुआ था। मई में इस श्रेणी में 288 करोड़ रुपये का निवेश आया था। चालू साल के पहले छह माह में निवेशकों ने इस श्रेणी में 3,107 करोड़ रुपये डाले हैं। इससे पहले नवंबर, 2020 में गोल्ड ईटीएफ से 141 करोड़ रुपये तथा फरवरी, 2020 में 195 करोड़ रुपये की निकासी हुई थी।
    
एलएक्सएमई की संस्थापक प्रीति राठी गुप्ता ने कहा कि सोने के दाम अपने सर्वकालिक उच्चस्तर पर हैं जिसकी वजह से निवेशकों को इनमें गिरावट की संभावना दिख रही है। इसके अलावा निवेशक अपने निवेश को शेयरों तथा ऋण कोषों में स्थानांतरित कर रहे हैं। इन दो कारणों से गोल्ड ईटीएफ से निकासी देखने को मिल रही है। निकासी के बावजूद गोल्ड ईटीएफ के प्रबंधन के तहत परिसंपत्तियां जुलाई के अंत तक बढ़कर 16,750 करोड़ रुपये हो गईं। जून के अंत तक यह 16,225 करोड़ रुपये थीं।

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