Gold Price Today 22nd July 2020: देश भर के सर्राफा बाजारों में आज सोने-चंदी की कीमतों में आग लगी हुई है। आज यानी बुधवार सुबह 24 कैरेट सोने का हाजिर भाव 50220 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। यह मंगलावार के मुकाबले 780 रुपये तेज है। वहीं चांदी ने मंगलवार की तरह ही बड़ी छलांग लगाई है। आज चांदी 5193 रुपये प्रति किलो महंगी होकर 60043 रुपये प्रति किलो के रेट से खुली। वहीं अगर भारतीय वायदा बाजार में सोने-चांदी की कीमतों की बात करें तो आज दोनो धातुएं नई ऊंचाई पर हैं। चांदी का भाव 60,000 रुपये प्रति किलो के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार गया, जबकि सोना भी 50,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर को तोड़ने के करीब है।
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इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट (ibjarates.com) के मुताबिक 22 जुलाई 2020 को देशभर के सर्राफा बाजारों सोने-चांदी के हाजिर भाव इस प्रकार रहे..
| धातु | 22 जुलाई का रेट (रुपये/10 ग्राम) | 20 जुलाई का रेट (रुपये/10 ग्राम) |
रेट में बदलाव (रुपये/10 ग्राम) |
| Gold 999 (24 कैरेट) | 50220 | 49440 | 780 |
| Gold 995 (23 कैरेट) | 50019 | 49242 | 777 |
| Gold 916 (22 कैरेट) | 46002 | 45287 | 715 |
| Gold 750 (18 कैरेट) | 37665 | 37080 | 585 |
| Gold 585 ( 14 कैरेट) | 29379 | 28922 | 457 |
| Silver 999 | 60043 Rs/Kg | 54850 | 5193 |
क्यों बढ़ रहे सोने-चांदी के दाम
केडिया कमोडिटीज के डायरेक्टर अजय केडिया कहते हैं कि कोरोना वायरस का संक्रमण कम होने के बजाय बढ़ता जा रहा है। इससे शेयर बाजारों में जहां अनिश्चितता का माहौल है वहीं रियल एस्टेट भी पस्त पड़ा है। इस दौर निवेशकों के लिए सबसे सुरक्षित सोना ही नजर आ रहा है। निवेशकों का रुझान गोल्ड, गोल्ड ईटीएफ और बॉन्ड की तरफ बढ़ा है। यही वजह है कि सोने के रेट बढ़ते जा रहे हैं। वहीं कोरोनावायरस संक्रमण के कारण खनन कार्य प्रभावित होने और आपूर्ति बाधित होने से चांदी की कीमतों में ज्यादा तेजी देखी जा रही है।
बेहतर रिटर्न की गारंटी बना सोना
साल 2001 के बाद से सोने ने प्रतिवर्ष 13 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। पिछले 10 साल में सोना 142 फीसद रिटर्न दे चुका है। वहीं पिछले 15 वर्षों में तो सोने ने प्रतिवर्ष 14.7 प्रतिशत का लाभ दिया है। पिछले 10 वर्षों में सोने ने प्रहर साल 10.1 प्रतिशत और पिछले पांच वर्षों में प्रति वर्ष 12.8 प्रतिशत का लाभ दिया है। वहीं दो साल में सोने ने 55% रिटर्न दिया, पिछले छह महीने में ही 24% तक बढ़ इसकी कीमत बढ़ चुकी है।
कौन खरीद रहा सोना
शेयर बाजार में गिरावट और अर्थव्यवस्था में संकट के दौर में तमाम फंड मैनेजर पोर्टफोलियो में सोने की हिस्सेदारी बढ़ाते हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि सोना सेफ हैवन इन्वेस्टमेंट यानी सुरक्षित निवेश विकल्प माना जाता है। केंद्रीय बैंक, फंड मैनेजर्स, स्वतंत्र निवेशक आदि ये सभी लोग पूरी दुनिया में अलग अलग एक्सचेंज पर सोने की खरीदारी कर रहे हैं । सोने के भाव अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी रिकॉर्ड उंचाई पर है । इसी वजह से भारत में सोने में तेजी देखने को मिल रही है।
सस्ता कब होगा
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि जबतक कोरोना का संक्रमण दुनिया भर के देशों में बढ़ता रहेगा तब तक सोने की कीमतें कम होने के आसार नजर नहीं आ रहे। केडिया कमोडिटीज के डायरेक्टर केडिया कहते हैं कि सोने के दाम तभी गिरेंगे जब मार्केट में कोई कोरोना की वैक्सीन आ जाए और वह सफल भी हो। इसके अलावा भारत और चीन सोना नहीं खरीदते हैं तो दाम कुछ कम हो सकते हैं। फिर भी सोना 44000 से नीचे नहीं जाएगा।







