वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अगुवाई में जीएसटी काउंसिल की 45वीं बैठक शुरू हो चुकी है। देश में कोरोना महामारी के प्रकोप के बाद काउंसिल की पहली फिजिकल बैठक है। कोरोना काल में अब तक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए  बैठक हो रही थी। 

क्या है उम्मीद: लखनऊ में चल रही इस बैठक में पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी के दायरे में लाने की संभावना पर विचार हो सकता है। बैठक में, केंद्र सरकार अपनी राजस्व स्थिति की समीक्षा करेगी। इसके साथ ही जीएसटी मुआवजे के लिए राज्यों की मांगों की समीक्षा हो सकती है। 

इस प्रस्ताव का केरल करेगा विरोध: हालांकि, राज्यों की ओर से इस प्रस्ताव का विरोध हो सकता है। केरल के वित्त मंत्री के एन बालागोपाल का कहना है कि अगर पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने को लेकर कोई कदम उठाया जाता है, राज्य उसका पुरजोर विरोध करेगा। बालागोपाल के मुताबिक इस कदम से राज्य के राजस्व संग्रह पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।

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अगस्त में कितना रहा कलेक्शन: बीते अगस्त महीने में माल एवं सेवाकर (जीएसटी) संग्रह 1.12 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा। ये लगातार दूसरा महीना था जब जीएसटी कलेक्शन एक लाख करोड़ रुपये के स्तर को पार किया। हालांकि, अगस्त में जुटाई गई राशि, जुलाई 2021 के 1.16 लाख करोड़ रुपये से कम रही है। अगर एक साल पहले के अगस्त माह से तुलना करें तो इस बार कलेक्शन में 30 प्रतिशत से अधिक वृद्धि हुई है। 



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