हाइलाइट्स:

  • लखनऊ से घर वापस पहुंचा हाथरस गैंगरेप पीड़िता का परिवार
  • हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में पेशी पर गए थे परिवार के सदस्य
  • पुलिस की कड़ी सुरक्षा में परिवार, अब 2 नवंबर को होगी सुनवाई

हाथरस
उत्तर प्रदेश के हाथरस (Hathras Case) में पीड़िता का परिवार लखनऊ से वापस घर पहुंच गया है। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच के सामने पेशी के बाद पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच परिवार लौट आया है। परिवार बिल्कुल सुबह लखनऊ के लिए निकला था।

पुलिस सुरक्षा के बीच परिवार रात 11 बजकर पांच मिनट पर घर लौट आया है। पीड़ित परिवार सोमवार सुबह हाथरस से निकला। पीड़िता के माता-पिता, दो भाई और एक भाभी कोर्ट में सुनवाई के लिए लखनऊ गए थे। परिवार की सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को लगाया गया है।

यूपी के हाथरस कांड के संबंध में स्वत: संज्ञान लेने के बाद हाई कोर्ट ने सोमवार को यूपी सरकार को कड़ी फटकार लगाई। हाई कोर्ट ने एक ओर जहां सरकार को कठघरे में खड़ा किया, वहीं दूसरी ओर पीड़िता के अंतिम संस्कार के मुद्दे पर यूपी पुलिस के वरिष्ठ अफसरों से कई सवाल किए। मामले की अगली सुनवाई 2 नवंबर को होगी।

अदालत ने हाथरस के डीएम प्रवीण कुमार समेत कई अफसरों को भी आड़े हाथों लिया। अदालत ने इन अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए बिना परिवार की सहमति के अंतिम संस्कार करने के मुद्दे को लेकर डीएम को फटकार लगाई। पीड़िता के परिवार की वकील सीमा कुशवाहा ने कहा कि जज ने अंतिम संस्कार को लेकर भी डीएम से कई सवाल किए। बकौल सीमा, जज ने डीएम से यह भी कहा कि जिस अंतिम संस्कार में गंगाजल का इस्तेमाल होता है, उसमें आप ने केरोसिन तेल और पेट्रोल का इस्तेमाल कर शव जलाया। यह मानवाधिकार का उल्लंघन है।

परिवार ने रखी ये तीन मांगें
सुनवाई के दौरान पीड़िता के परिवार ने हाई कोर्ट के सामने अपना पक्ष रखते हुए तीन तरह की मांग की। पीड़िता के परिवार ने कोर्ट से कहा कि वह इस मामले को यूपी के बाहर के किसी राज्य में ट्रांसफर करने का आदेश दे। इसके अलावा परिवार ने अनुरोध किया कि सीबीआई जांच के सभी तथ्य जांच पूरी होने तक पूरी तरह से गोपनीय रखे जाएं, साथ ही जांच की अवधि में परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।



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