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किसी को भी उम्मीद नहीं थी कि रेप व मर्डर की सजा काट रहे गुरमीत राम रहीम को हाईकोर्ट से इतनी बड़ी राहत मिल जायेगी। पंजाब एण्ड हरियाणा हाईकोर्ट मंगलवार को सजा काट रहे गुरमीत सिंह को हत्या के एक मामले में दोष मुक्त कर दिया है। उस पर एक पत्रकार रामचंद्र छत्रपति और पूर्व डेरा प्रबंधक रंजीत सिंह के मर्डर के दोषमुक्त कर दिया है।
पिछले सप्ताह ही डेरा प्रमुख राम रहीम ने आम चुनाव में भाजपा का समर्थन देने की अपील की थी। कोर्ट ने पूर्व डेरा प्रबंधक रंजीत सिंह की हत्या का दोषी नहीं माना है। हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सुरेश्वर ठाकुर और ललित बत्रा की पीठ ने सीबीआई के स्पेशल कोर्ट के फैसले को बदलते हुए गुरमीत सिंह को दोष मुक्त करने का फैसला दिया है। पंचकुला की सीबीआई स्पेशल कोर्ट ने 18 अक्टूबर को पत्रकार रामचंद्र छत्रपति और रंजीत सिंह की हत्या के मामले में राम रहीम को दोषी मानते हुए उसे सजा का ऐलान किया था। डेरा प्रमुख ने सीबीआई स्पेशल कोर्ट के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में रिट दायर कर रखी थी।
हरियाणा की बीजेपी सरकार की मेहरबानी
हरियाणा में पिछले दस सालों से बीजेपी की सरकार है। डेरा प्रमुख पर सरकार की काफी मेहरबानी रही है। पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर और राम रहीम के बीच की करीबियां रही हैं। अक्सर सीएम खट्टर डेरा प्रमुख से मिलने डेरा पर जाते थे। ये भी कहा जा सकता है कि सरकार की शह पर राम रहीम अपनी मनमानी करने को आजाद था। अक्सर सरकारी आयोजनों में गुरमीत सिंह खास अतिथि रहता था। डेरा के कार्यक्रमों में खट्टर विशेष रूप से जाते रहे हैं। लेकिन जब से कोर्ट ने हत्या व रेप के मामले में गुरमीत को दोषी मानते हुए सजा सुनायी है तब से डेरा प्रमुख हरियाणा की सुनेरिया जेल में सजा काट रहा है। लेकिन उसके लिये सरकारी सहूलियतें जारी रहीं वो जब मन करता जेल से परोल पर छूट कर आम जीवन जीता था। इस बारे में जब काफी हल्ला हुआ तो हाईकोर्ट ने सरकार व जेल प्रशासन को फटकार लगाते हुए निर्देश दिये कि आगे से जब भी गुरमीत सिंह को परोल दिया जाये उससे पहले कोर्ट से अनुमति ली जायेगी। हैरानी की बात यह रही कि देश के अनेक हिस्सों में जेलों में बंद राजनीतिक कैदियों को सालों से जमानत नहीं मिल रही वहीं हरियाणा में सजा काट रहे गुरमीत सिंह को लंबी अवधि के लिये परोल मिल जाती है।
डेरा प्रबंधक की हत्या का रहस्य
डेरा प्रबंधक रंजीत सिंह की हत्या 2002 में हुई थी। चर्चा में था कि रंजीत सिंह की हत्या इसलिये की गयी थी कि उसने डेरा में चल रही राम रहीम की मनमानी और भ्रष्टाचार का खुलासा किया था। राम रहीम की अय्याशियों के खिलाफ एक पत्र आम जनता के बीच बांटा गया। राम रहीम को शक था कि इस सब के पीछे रंजीत सिंह का हाथ था। इन्हीं वजहों से रंजीत सिंह की हत्या करायी गयी थी। इस हत्याकांड में गुरमीत सिंह के साथ चार और लोगों को दोषी मान कर सजा सुनायी गयी थी।








