BJP Leader PV Parthsarthi nomiated BEL Independent DirectorHe was having key post in BP
BJP Leader PV Parthsarthi nomiated BEL Independent DirectorHe was having key post in BP

#EVM# Modi Govt.# PMO# Election Commission Selection# Supreme Court# CJI# INDIA alliance# Fraud in Chandigarh Mayor Eelction# Punjab & haryana High Court#Blame game#

पिछले कई सालों से विपक्षी दल ईवीएम के इस्तेमाल का विरोध कर रहे हैं। लेकिन न तो सरकार इसको मानने को तैयार और न ही चुनाव आयोग उनकी मांग की सुनवायी कर रहा है। इसके अलावा विपक्षी दल ईडी और सीबीआई के कार्य करने की प्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। सत्ता से बेदखल पार्टी के नेता जांच एजेंसियों की कार्रवाई के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे हैं। लेकिन उनकी आवाज कोर्ट भी सुनने को तैयार नहीं हैं। सत्ता के नशे में सरकार और पार्टी के नेताओं पर जांच एजेेंसियों पर दबाव होने का भी आरोप लग रहा है। सत्ता के साथ आने वाले दागी नेताओं पर सारी कार्रवाई ठंडे बस्ते में डाल दी जा रही हैं।

BJP Leader PV Parthsarthi nomiated BEL Independent DirectorHe was having key post in BP
BJP Leader PV Parthsarthi nomiated BEL Independent DirectorHe was having key post in BP
BJP MLA Mansukh Bhai Shamji Bhai is another Indendent Director In BEL
BJP lesder Mansukh Bhai Shamji Bhai is another Indendent Director In BEL

ईवीएम बनाने वाली कंपनी भारत इलैक्ट्रानिक लिमिटेड में बीईएल में 3 डाइरेक्टर दिसंबर 2021 में नियुक्त किया गया। डा.पीवी पार्थ सारथी, मनुसुख भाई शामजी भाई खाचरिया और डा. शिवनाथ यादव। ये तीनों ही भाजपा के नेता रहे हैं एक ने तो भाजपा के टिकट पर विधायक का चुनाव भी लड़ा है। ऐसे में चुनाव में जीत तो भाजपा की ही होनी तय है। ऐसे मे मोदी सरकार और भाजपा ईवीएम का विरोध कैसे कर सकती है। वहीं तो उनकी जीत का मूलमंत्र साबित हो रही है।

Retired Ex Secy EAS Sharma wrote a letter about serious issues in election voting by EVM to Chief election commission.
Retired Ex Secy EAS Sharma wrote a letter about serious issues in election voting by EVM to Chief election commission.

पूर्व अफसर ने हेरा फेरी की शिकायत चुनाव आयोग से की
हालात यह हैं कि जब केन्द्र सरकार से सचिव स्तर से रिटायर अफसर ईएएस शर्मा ने चुनाव आयोग से कुछ अहम् मुद्दों पर सवाल उठाये तो मुख्य चुनाव आयुक्त ने पत्र का जवाब न देते हुए चुप्पी साध ली। श्री शर्मा ऐसे गंभीर मुद्दे उठाते रहते हैं। पत्र के अनुसार ईवीएम बनाने वाली कंपनी बीईएल में 3 डाइरेक्टर दिसंबर 2021 में नियुक्त किया गया। डा.पीवी पार्थ सारथी, मनुसुख भाई शामजी भाई खाचरिया और डा. शिवनाथ यादव। ये तीनों ही भाजपा के नेता रहे हैं एक ने तो भाजपा के टिकट पर विधायक का चुनाव भी लड़ा है। जब भाजपा के नेता बीईएल के निगरानी मे ईवीएम बनवायेंगे। अब यह बात साफ हो गयी कि भाजपा की जीत का रास्ता ईवीएम से होकर गुजरता है। इसमे चुनाव आयोग की भूमिका भी संदिग्ध हो गयी है। मोदी सरकार इसी लिये मुख्य चुनाव आयोग के चीफ का चयन खुद करना चाहती है। इसी को देखते हुए सरकार ने सीजीआई को चयन प्रक्रिया से बाहर रखने के ​लिये संसद में विधेयक ला दिया। अब चयन प्रक्रिया में पीएम के अलावा नेता प्रतिपक्ष और केन्द्रीय मंत्री रहेगा। वहां चयन समिति में सरकार के दो सदस्य होंगे। नेता विपक्ष की बात कोई मायने नहीं रखेगी। सरकार का चयन किया मुख्य चुनाव आयुक्त सरकार के हितों का ही ध्यान रखेगा न कि वो विपक्ष की बातों को ध्यान करेगा। दरअसल सरकार किसी भी सूरत में मुख्य चुनाव आयुक्त का चुनाव की कमान अपने हाथ में रखना चाहती है।
चुनाव कराने वालों में भाजपा समर्थक ही अधिकारी
पिछले दिनों चंडीगढ़ मेयर का चुनाव काफी चर्चा में है। 30 जनवरी को चंडीगढ़ मेयर के चुनाव में यह देखने को मिला कि चुनाव कराने वाले अधिकारियों को ही तैना​त किया गया। जिसने भ्रष्टाचार की सभी सीमाएं लांघ कर बीजेपी के उम्मीदवार को जीता बताया। ताजा मामले में भाजपा और इंडिया गठबंधन के बीच मुकाबला था। इंडिया गठबंधन के घटक दल आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने साझा उम्मीदवार खड़ा किया था। दोनों दलों के कुल 20 पार्षद थे। जबकि भाजपा के पास 16 वोट थे। जीत के लिये गठबंधन के पास पर्याप्त संख्या बल था। इसके बावजूद प्रिसाइडिंग अफसर अमित पांडे ने भाजपा के मेयर उम्मीदवार को जिताने के लिये बिना​ किसी वजह के 8 वोट रद कर दिये। ऐसा कर भाजपा के उम्मीदवार मनेाज सोनकर को जिता दिया गया।

Presiding officer Amit pandey  announce bjp candidate adopting wrong way in Chandgarh Mayor election on 30th January
Presiding officer Amit pandey announce bjp candidate wrong way in Chandgarh Mayor election on 30th January

जिस तरह से ​प्रिसाइडिंग अफसर ने इंडिया गठबंधन के आठ वोटों को रद किया वो सब घटना कैमरे में रिकार्ड हो गयी। इस बात से वो बेखबर थे कि वोट कैंसल करते वक्त उनकी हरकत कैमरे में कैद हो गयी। अमित पांडे सीधे तौर पर भाजपा से जुड़े हैं। वो माइनारिटी सेल के अध्यक्ष भी हैं। ऐसे में उन्हें प्रिसाइडिंग अफसर बनाने के पीछे एक ही मकसद था कि येण केण प्रकारेण भाजपा उम्मीदवार को जिताना था। इससे पहले भी मेयर केचुनाव करने वाले अफसर को जबरदस्ती छुट्टी पर भेज दिया गया था। तब इंडिया गठबंधन इस मामले को पंजाब हरियाणा कोर्ट में ले गया। कोर्ट के आदेश पर 30 जनवरी को चंडीगढ़ मेयर चुनाव संपन्न कराये गये जहां प्रिसाइडिंग अफसर अमित पांडेय ने हेरफेर कर भाजपा उम्मीदवार को जिता दिया। मामला एक बार फिर से हाईकोर्ट चला गया है। इंडिया गठबंधन कैमरे की फुटेज को दिखा कर मेयर के चुनाव परिणाम को रद कराने का मन बना चुकी है।

भाजपा के नेताओं को स्वतंत्र निदेशक बनाने के मायने
दिसंबर 2021 में बीईएल में स्वतंत्र निदेशकों को पीएमओ ने नियुक्त किया था। नवनियुक्त स्वतंत्र निदेशकों का संक्षिप्त विवरण नीचे दिया गया है

डॉ. पार्थसारथी पी.वी
डॉ. पार्थसारथी पीवी, उम्र 51 वर्ष, के पास डेंटल साइंसेज में स्नातकोत्तर डिग्री है और वह पार्थ डेंटल केयर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक हैं। लिमिटेड और पार्थ कॉस्मेटोलॉजी प्रा. लिमिटेड, हैदराबाद। वह बाल दंत चिकित्सा में एक अभ्यास विशेषज्ञ डेंटल सर्जन हैं और उनके पास इस क्षेत्र में लगभग 15 वर्षों का पेशेवर अनुभव है।
मनसुखभाई शामजीभाई खाचरिया
मनसुखभाई शामजीभाई खाचरिया, उम्र 61 वर्ष, विज्ञान स्नातक हैं और राजकोट, गुजरात में एक व्यवसाय उद्यमी हैं। वह वर्तमान में भाजपा राजकोट जिला अध्यक्ष के पद पर हैं। वह क्लासिक कॉटन प्राइवेट लिमिटेड के बोर्ड में निदेशक भी हैं। लिमिटेड, राजकोट।
डॉ शिव नाथ यादव
64 वर्ष के डॉ. शिव नाथ यादव के पास मास्टर ऑफ आर्ट्स, लॉ और डॉक्टरेट (पीएचडी) की डिग्री है और वह डीएवी डिग्री कॉलेज से सेवानिवृत्त प्रोफेसर हैं और वाराणसी, भारत में स्थित हैं।

 

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