Edited By Vishva Gaurav | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

मिलिए यूपी बोर्ड 12वीं के टॉपर अनुराग मलिक से
हाइलाइट्स

  • हाईस्कूल में बड़ौत (बागपत) की रिया जैन ने प्रदेश में 96.67 प्रतिशत अंक लाकर टॉप किया
  • इंटरमीडिएट में भी बड़ौत के ही अनुराग मलिक ने 97 प्रतिशत अंक लाकर पूरे प्रदेश में टॉप किया
  • अनुराग बनना चाहते हैं आईएएस तो रिया जैन पीएचडी करके बनना चाहती हैं टीचर

बागपत

यूपी बोर्ड ने 10वीं और 12वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम शनिवार को घोषित कर दिया है। इंटरमीडिएट और हाईस्कूल के टॉपर वेस्ट यूपी की झोली में हैं। इस बार हाईस्कूल में बड़ौत (बागपत) की रिया जैन ने प्रदेश में 96.67 प्रतिशत अंक लाकर टॉप किया है। वहीं इंटरमीडिएट में भी बड़ौत के ही अनुराग मलिक ने 97 प्रतिशत अंक लाकर पूरे प्रदेश में टॉप किया है।

रिया और अनुराग बड़ौत के श्रीराम इंटर कॉलेज के स्टूडेंट हैं। इसी कालेज की तनु तोमर ने पिछले साल प्रदेश में इंटरमीडिएट में टॉप कर नाम रोशन किया था। इस बार इंटर के छात्र अनुराग ने टॉप किया हैं। यानी दूसरे साल इसी कॉलेज के सिर टॉपर देने का सेहरा बंधा है।

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IAS बनना चाहते हैं अनुराग


12वीं कक्षा में टॉप करने वाले अनुराग कहते हैं कि मुझे अपनी मेहनत, परिवारवालों के साथ और गुरुजनों के मार्गदर्शन से पूरा भरोसा था कि मैं इस साल टॉप करूंगा। उन्होंने कहा, ‘मैंने टागरेट तय कर पढ़ाई की, हर दिन 15 घंटे पढ़ाई की, एग्जाम में 18 घंटे पढ़ा। टारगेट पूरा होने के बाद ही सुकुन मिलता था। कभी बिना टारगेट पूरा हुए पढ़ाई बीच में नहीं छोड़ी।’ अनुराग के पिता प्रमोद मलिक की बड़ोत में इलेक्ट्रिक की दुकान है। बकौल अनुराग मेरे माता-पिता कई बार उसके साथ देर रात तक जागते थे, मेरे माता-पिता ने हर पल और कदम मुझे सपोर्ट किया है।

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अनुराग ने अपनी सफलता के बाद भगवान का धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि मैंने बिना ट्यूशन के टॉप किया है। मेरी तमन्ना आईएएस अफसर बनकर देश की सेवा करने की हैं। अपने परिजनों के सपने पूरे करने हैं।

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टीचर बनना चाहती हैं रिया

बागपत के गांव हिलवाड़ी के रहने वाले भारत भूषण की बेटी रिया का कहना है कि उन्हें ये तो उम्मीद थी कि उनका रिजल्ट अच्छा आएगा लेकिन टॉप करने की उम्मीद कम थी। रिया अपनी कामयाबी की वजह परिवार और अपने शिक्षकों के बताए रास्ते पर चलने को मानती हैं। वह बताती हैं कि उनके पिता चुनरी बनाने का काम करते हैं। बकौल रिया वह सुबह चार बजे उठकर पढ़ाई शुरू करती थीं। उन्होंने हर सब्जेक्ट के लिए टाइम तय कर रखा था। रिया का लक्ष्य शिक्षक बनना है। वह चाहती हैं कि टीचर बनकर बच्चों को सही रास्ता दिखा सकें।

(एनबीटी रिपोर्टर शादाब रिजवी के इनपुट्स के साथ)

NBT



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