भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सिडनी में खेले गए तीसरे टेस्ट मैच में टीम इंडिया हनुमा विहारी और रविचंद्रन अश्विन की जुझारू पार्टनरशिप के दम पर हार को टालने में सफल रही थी। विहारी और अश्विन की जोड़ी ने लगभग साढ़े तीन घंटे बल्लेबाजी की थी और ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों और जीत के सामने चट्टान की तरह खड़े रहे थे। इसी बीच, रविचंद्रन अश्विन ने सिडनी टेस्ट से जुड़ा एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि मैच के दौरान ब्रेक में 12वें खिलाड़ी के रूप में मैदान पर आए शार्दुल ठाकुर ने हेड कोच रवि शास्त्री का मैसेज उन तक नहीं पहुंचाया था।
यूट्यूब चैनल पर फील्डिंग कोच श्रीधर के साथ बात करते हुए अश्विन ने बताया कि शार्दुल ने कोच रवि शास्त्री का मैसेज देने से इनकार कर दिया था और कहा था कि आप दोनों काफी अच्छा काम कर रहे हैं। फील्डिंग कोच श्रीधर ने बताया कि रवि शास्त्री का एकदम साफ मैसेज था और उन्होने शार्दुल ठाकुर को बुलाकर कहा था कि यह मैसेज अश्विन को दे देना और कहना कि मैंने कहा है। अश्विन ने इस बात को आगे बढ़ाते हुए बताया, ‘शास्त्री ने कहा था, अश्विन इस एंड का ध्यान रखें और विहारी दूसरे छोर से बल्लेबाजी करे। अश्विन नाथन लायन के खिलाफ टीम का सबसे बेहतरीन बल्लेबाज है। तो उसको इस एंड से खेलना चाहिए। विहारी स्टार्क और कमिंस को काफी अच्छी तरह से हैंडल कर रहा है, तो उसको बोलो कि वह यह जारी रखे।’
‘जुलाई में बन गया था AUS बल्लेबाजों को लेग साइड में फंसाने का प्लान’
अश्विन ने खुलाासा करते हुए कहा, ‘शार्दुल हमारे पास आया, ड्रेसिंग रूम से भागता हुआ। वह अपनी सांस को रोकते हुए हमारे पास पहुंचा। हमने उससे पानी पीते हुए कहा कि बस कह दूं मैन। शार्दुल ने कहा कि मुझे ड्रेसिंग रूम से बहुत कुछ चीजें बताईं गईं हैं। तो मैंने बोला, हां, प्लीज बताओ, लेकिन शार्दुल ने कहा कि कुछ भी कहने वाला नहीं हूं। आप लोग काफी अच्छा काम कर रहे हूं, तो प्लीज इसको जारी रखो।’ हनुमा विहारी और अश्विन चोटिल होने के बावजूद लगातार बल्लेबाजी करते रहे थे और आखिर में नाबाद लौटे थे।







