भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही चार टेस्ट मैचों की सीरीज का तीसरा मैच 24 फरवरी से अहमादाबाद के मोटेरा स्टेडियम में खेला जाएगा। दूसरे टेस्ट मैच में टीम इंडिया ने जबर्दस्त प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड को 317 रनों से हराया था। यह रनों के लिहाज से इंग्लैंड के खिलाफ भारत की सबसे बड़ी जीत थी। इंग्लिश टीम की हार के बाद पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने पिच को लेकर काफी सवाल उठाए थे और कहा था कि यह पांच दिन के टेस्ट मैच लायक पिच नहीं थी। इसी बीच, चेन्नई के उसी मैदान पर 161 रनों की पारी खेलने वाले रोहित शर्मा ने चेपॉक की पिच के समर्थन में उतरे हैं और उन्होंने कहा कि हर टीम को घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाने का हक है। 

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वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में बात करते हुए रोहित शर्मा ने कहा, ‘पिच दोनों टीमों के लिए एक सी ही थी, इसलिए मैं नहीं जानता कि बार बार इस विषय को क्यों उठाया जाता है। दोनों टीमें एक ही पिच पर खेलीं। लोग कहते हैं कि पिच ऐसी होनी चाहिए, ऐसी नहीं लेकिन इतने सालों से भारतीय पिचें इसी तरह से तैयार की जाती हैं। मुझे नहीं लगता कि इसमें कोई बदलाव करने की जरूरत है। हर टीम अपने घरेलू हालात का फायदा उठाती है। जब हम अन्य देशों में खेलने जाते हैं तो वह हमारे बारे में नहीं सोचते, इसलिए हमें किसी के बारे में क्यों सोचना चाहिए। हमें अपनी टीम की पसंद के अनुसार पिचें बनानी चाहिए। घरेलू फायदे और दूसरी टीम की सरजमीं का मतलब यही होता है, नहीं तो इसे हटा देना चाहिए। आईसीसी (अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद) को कहिए कि ऐसा नियम बनाए कि पिचें हर जगह एक सी तैयार की जानी चाहिए।’

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रोहित ने विदेशी दौरों का जिक्र करते हुए कहा, ‘हम जब विदेशों में जाते हैं तो हमारे प्रतिद्वंद्वी भी हमारे लिए मुश्किल पिच बनाते हैं। इसलिए मुझे नहीं लगता कि हमें पिचों के बारे में ज्यादा बात करनी चाहिए। हमें खेल और खिलाड़ियों के बारे में बात करनी चाहिए। मैं पिचों के बारे में ज्यादा नहीं सोचता। अगर आप इसके बारे में ज्यादा सोचोगे तो पिच नहीं बदलेगी। इसलिए ध्यान इसी बात पर होना चाहिए कि दी हुई पिच पर कैसे खेलना चाहिए और इस पर किस तरह की तकनीक की जरूरत है।’
 



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