नई दिल्ली
ईस्टर्न लद्दाख में एलएसी में चीन के साथ बढ़े तनाव के बीच भारतीय सेना ने अपनी तैयारी पुख्ता कर ली है। भारतीय सेना पूरी सर्दियां एलएसी पर मुस्तैदी से तैनात रहने को तैयार है। इस बाबत सेना ने गर्म कपड़े, राशन, टैंट और हीटर तक की व्यवस्था कर ली है। इसके अलावा भी सेना ने अन्य सामान का स्टॉक पूरा कर लिया है। फॉरवर्ड पोस्टों तक सभी सामान पहुंचा दिया गया है।

सीनियर अधिकारी ने ऐसे दी चीन को चेतावनी
एक सीनियर आर्मी ऑफिसर ने कहा कि एलएसी पर डिप्लॉयमेंट लंबा चले यह हम नहीं चाहते हैं, लेकिन अगर ऐसी स्थिति बनी तो हम उसके लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने कहा कि चीन को अगर प्रोटोकॉल का पालन करना है तो पूरी तरह करे और हर जगह फॉलो करे, सिर्फ चुनिंदा प्रोटोकॉल नहीं चल सकता। उन्होंने कहा इंडियन आर्मी हर तरह की परिस्थिति का सामना करने को तैयार है। गौरतलब है कि पैंगोंग झील के उत्तरी किनारे में फिंगर एरिया पर चीन ने द्विपक्षीय समझौते का उल्लंघन किया है और अब जब पैंगोंग झील के दक्षिण किनारे में सभी अहम चोटियों पर तैनाती कर भारतीय सेना ने अपनी स्थिति काफी मजबूत कर ली है तो चीन
अब प्रोटोकॉल की दुहाई दे रहा है।

भारतीय सेना के पास हाईटेक इंतजाम
आर्मी के एक अधिकारी ने बताया कि भारत के पास ऐसे स्ट्रैटजिक एयरलिफ्ट प्लेटफॉर्म हैं जिससे रोड कनेक्टिविटी कट भी जाए तो भारतीय सेना और एयरफोर्स मिलकर एक-डेढ़ घंटे के भीतर ही दिल्ली से लद्दाख और फॉरवर्ड पोस्टों तक जरूरी सामान के साथ ही सैनिकों को पहुंचा सकती है। हालांकि इसी महीने रोहतांग टनल का उद्घाटन हो जाएगा, जिसके बाद लद्दाख रीजन तक ऑल वेदर रोड कनेक्टिविटी भी हो जाएगी।

एक जवान पर खर्च होगा 1.2 लाख रुपये
आर्मी के अधिकारी ने बताया कि 9000 से 12000 फीट की ऊंचाई तक तैनात सैनिकों को एक्सट्रीम कोल्ड क्लाइमेट (ईसीसी) क्लोदिंग दी जाती है और 12000 फीट से ज्यादा ऊंचाई पर तैनात सैनिकों को स्पेशल क्लोदिंग एंड माउंटेनियरिंग इक्विपमेंट (एससीएमई) दिए जाते हैं। एक जवान को एससीएमई का खर्चा करीब 1.2 लाख रुपये तक आता है। एलएसी पर तैनात सभी सैनिकों के लिए क्लोदिंग सहित सभी जरूरी सामान पहुंचा दिया गया है और रिजर्व स्टॉक भी भेजने का काम जारी है। सारे टेंपररी शेल्टर भी तैयार हैं। उन्होंने बताया कि फॉरवर्ड एरिया में तैनात सैनिकों को नॉर्मल राशन के अलावा स्पेशल राशन दिया जाता है। इतने हाई एल्टीट्यूट में भूख नहीं लगती लेकिन सैनिकों को पोषण और जरूरी कैलरी मिलती रहे इसके लिए हर दिन 72 आइटम में से वह अपनी पसंद की चीज चुन सकते हैं।

पूरी सर्दियों तक एलएसी पर मोर्चा संभाल सकती है सेना
आर्मी के सीनियर अधिकारी के मुताबिक अगर चीन नहीं माना तो भारतीय सेना पूरी सर्दियों भर पूरे एलएसी में मुस्तैद रहेगी। उन्होंने कहा कि भारतीय सैनिकों को इसकी आदत भी है क्योंकि भारतीय सैनिक कड़ाके की ठंड और बर्फबारी के बीच भी देश की हिफाजत के लिए डटे रहते हैं। सेना के जवान सियाचिन और सिक्किम जैसी ठंडी जगहों पर पहले से तैनात हैं। एलएसी पर जो एडिशनल ट्रूप गई है वह भी पहले से इस तरह की जगहों पर रह चुकी है। आर्मी के इस तजुर्बे से और देशों की सेनाएं भी काफी प्रभावित हैं। जॉइंट एक्सरसाइज के दौरान अन्य देश भी भारतीय सेना के इस तजुर्बे को सीखने का प्रयास करते हैं।

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