भारत को इंग्लैंड के खिलाफ चार टेस्ट मैचों की सीरीज का आखिरी मैच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम में कल से खेलना है। भारत इस समय इंग्लैंड पर 2-1 से बढ़त बना रखा है। सीरीज का पहला मैच हारने के बाद भारत ने चेन्नई और फिर अहमदाबाद में स्पिनरों की मददगार पिच पर आसानी से दोनों मैच जीते। तीसरा मैच तो दो दिन में ही समाप्त हो गया था। इस मैच के बाद से ही विश्व क्रिकेट के कई दिग्गज खिलाड़ी लगातार स्पिनरों की मददगार भारतीय पिचों की आलोचना कर रहे हैं। अब इस पूरे मसले पर टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने अपनी बात रखी है।

इंग्लैंड के खिलाफ चौथा टेस्ट शुरू होने से एक दिन पहले कोहली ने टर्निंग पिच को लेकर बढ़ रहे विवाद पर कहा कि, “हम भी पिछले साल न्यूजीलैंड में तीन दिन के अंदर मैच हार गए थे। उस वक्त तो किसी ने पिच को लेकर कुछ भी नहीं कहा। हमारी ताकत यह है कि अपने आप पर ध्यान लगाते हैं ना कि पिच पर। हमें इस बात को लेकर ईमानदार होना चाहिए।” गौरतलब है कि भारत और इंग्लैंड के बीच अहमदाबाद में खेला गया तीसरा टेस्ट मैच महज दो दिन में ही खत्म हो गया था। दोनों देशों के बीच किसी टेस्ट सीरीज में 50 साल बाद ऐसा देखने को मिला।

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कोहली ने आगे कहा कि, ”मुझे लगता है कि स्पिन ट्रैक को लेकर काफी बातें हो रही है। हमारे मीडिया को यह दिखाने की कोशिश करनी चाहिए कि भारत में स्पिन ट्रैक होते हैं। मैं नहीं जानता कि बल्लेबाजी और गेंदबाजी की जगह पिच पर चर्चा क्यों हो रही है। दोनों ही टीमों के बल्लेबाज तीसरे टेस्ट मैच में खास कमाल नहीं कर पाए। पिच से बेहतर है कि खेल पर ध्यान दें।”

विराट से पहले टेस्ट टीम के उपकप्तान अजिंक्य रहाणे ने भी एक दिन पहले कहा था कि देश में स्पिनरों की मददगार पिच की आलोचना को गंभीरता से नहीं लेना चाहिए। उन्होंने सलाह देते हुए मंगलवार को कहा कि हमने विदेशों में बाउंसी पिचों (तेज गेंदबाजों की मददगार) के खिलाफ कभी कुछ नहीं बोला और इंग्लैंड की टीम को अहमदाबाद में चौथे टेस्ट में भी स्पिनरों की मददगार विकेट की अपेक्षा करनी चाहिए।

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रहाणे ने थोड़े गुस्सा भरे लहजे में कहा कि लोग जो कह रहे है, उन्हें कहने दीजिए। जब हम विदेश दौरे पर जाते हैं तो तेज गेंदबाजों की मदद पिच को लेकर कोई कुछ नहीं कहता है। वे तब भारतीय बल्लेबाजों की तकनीक की बात करते है, मुझे नहीं लगता कि इसे गंभीरता से लिए जाने की जरूरत है। भारतीय टेस्ट उपकप्तान ने कहा कि आप देखिए, जब हम विदेश दौरे पर जाते हैं, तो पहले दिन विकेट में काफी नमी होती है। जब पिच पर घास होती है तो गेंद असामान्य तरीके से उछाल लेती है। ऐसे में पिच खतरनाक हो जाती है लेकिन हमने कभी इसके बारे में शिकायत नहीं की है।

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