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जैसे की सभी को पता है कि भाजपा में नफरती भाषण और बेशरम नेताओं को तरजीह दी जाती है उसी तर्ज पर चलते हुए पार्टी नेतृत्व ने रमेश विधूड़ी को संसद में की बदतमीजी करने का ईनाम दिया है। बिधूड़ी को पार्टी नेतृत्व ने राजस्थान में चुनाव प्रभारी की जिम्मेदारी दी है। इससे पहले भी बीजेपी ने गुंडे मवालियों की तरह गालियां बकने और जहरीले भाषण देने वाले सांसद अनुराग ठाकुर को प्रमोट कर दो अहम् विभागों की जिम्मेदारी है। जो जितना अधिक बदतमीज उसे पार्टी बड़ा प्रमोशन देती है। अनुराग ठाकुर ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान विवादित नारा गोली मारो लगवाया था। देश भर में इसकी काफी निंदा की गयी। लेकिन राज्य मंत्री से उनका प्रमोशन कर दो विभागों के कैबिनेट मंत्री बना दिया गया। यही वजह है कि पार्टी के नेता और सांसदों में इस बात की होड़ मची है कि कौन कितना बदजुबां और नफरती भाषण दे सकता है।
बीजेपी सांसद बिधूड़ी ने बीएसपी सांसद को संसद में गालियां दी थीं
बीजेपी सांसद रमेश बिधूड़ी अपनी गंदी जुबां और गुंडई के लिये काफी कुख्यात हैं। इससे पहले वो दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के बारे में भी अश्लील टिप्पणी कर चुका है। वैसे भी उसकी छवि दिल्ली में एक गुंडे मवाली से ज्यादा नहीं है। उस पर जमीन कब्जाने, मारपीट, धमकाने जैसे अनेक मामले चल रहे हैं। लेकिन केन्द्र में भाजपा की सरकार है इसलिये पुलिस कोई भी कार्रवाई करने से कतराती है।

संसद के विशेष सत्र के दौरान रमेश विधूड़ी ने बीएसपी सांसद दानिश अली को जाति सूचक गाली देते हुए आतंकवादी तक कह डाला। अफसोस की बात तो यह थी कि उसके ठीक पीछे पूर्व केन्द्रीय डा हर्षवर्धन और रविशंकर प्रसाद बैठे इस बात का मजा ले रहे थे। बेशरमी से दांत निकाल रहे थे। जब उनकी इस हरकत पर उनको लोगों ने खरी खोटी सुनायी तो वो अपनी बेगुनाही साबित करने के लिये लंबा चौड़ा सफाईनामा डालते हैं। रविशंकर तो उल्टा उन पर ही आरोप लगाने लगे कि उन्हें तो कुछ भी नहीं मालूम था कि संसद में हुआ क्या था। ये सब विपक्षी दलों की उन्हें बदनाम करने की साजिश है। पहले तो लोकसभा स्पीकर ने बड़ा हल्के में लेते हुए कहा कि इस घटना को लोकसभा की कार्यवाही से निकाल दिया गया है। साथ यह कह कर पल्ला झाड़ लिया कि आइंदा इस प्रकार की हरकत बर्दाश्त नहीं की जायेगी। यहां लोकसभा व राज्यसभा के सभापति की दोहरी मानसिकता सामने आ गयी। विपक्ष के आधा दर्जन से अधिक लोकसभा और राज्य सभा सदस्यों का निलंबन किया गया वो भी सिर्फ अपनी मांग रखने के लिये। साफ दिख रहा है कि संवैधानिक पदों पर बैठे लोग सिर्फ पार्टी वर्कर के रूप में काम कर रहे हैं।

रमेश विधूरी राजस्थान विधानसभा चुनाव में प्रभारी
राजस्थान विधानसभा चुनाव में भाजपा ने अपने गालीबाज सांसद रमेश विधूरी को अहम् जिम्मेदारी दी है। उसे कांग्रेस नेता सचिन पाइलेट के क्षेत्र में प्रभारी बनाया गया है। पार्टी ने रमेश बिधूरी को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिये ऐसी जगह भेजा जहां सचिन पाइलेट का गढ़ माना जाता है। वैसे भी राजस्थान में भाजपा की बैंड उनकी ही पार्टी के नेता बजाने में जुटे हुए हैं। पूर्व सीएम वसुंधरा राजे और मोदी शाह की अनबन पूरे प्रदेश में जग जाहिर है। मोदी शाह वसुंधरा के प्रभुत्व और प्रभाव से असहज हैं वहीं महारानी ने खुले आम ऐलान कर दिया है कि मुझे सीएम फेस बनाओ वर्ना पार्टी की दुर्दशा झेलने को तैयार हो जाओ। मोदी शाह वसुंधरा को प्रदेश से बाहर फेंकने की साजिश में जुटी है। बीजेपी की अंदरूनी का फायदा कांग्रेस को मिलने वाला है।








