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पांच प्रदेशों में विधानसभा चुनाव प्रचार हो रहा है। सभी राजनीतिक दल आयोग के दिशा निर्देशों का पालन कर रहे हैं। लेकिन भाजपा को चुनाव आयोग की कोई भी चिंता नहीं है। अक्सर दिग्गज नेता अचार संहिता के नियमों की धज्जियां उड़ाते दिख जाते हैं। जब डोर टू डोर प्रचार में 5 से 10 कार्यकर्ता की ही अनुमति थी वहां अमित शाह और योगी के जनसंपर्क के दौरान रैलियों सा माहौल नजर आया। वहीं कोरोना गाइड लाइंस की खुलेआम अवहेलना हुई। स्वयं अमित शाह लोगों को थूक लगा कर भाजपा के पर्चे बांट रहे थे। लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। कोरोना गाइड लाइंस की अवहेलना को लेेकर समाजवादी पार्टी को चुनाव आयोग ने नोटिस थमा दिया था।
ताजा मामला उत्तराखंड विधानसभा चुनाव का है। वहां भाजपा के सीएम उम्मीदवार पुष्कर सिंह धामी समय सीमा खत्म होने के बाद भी अपने चुनाव विधानसभा क्षेत्र में कार्यकर्ताओं के साथ लोगों के बीच प्रचार करते दिखे। उस वक्त प्रदेश की पुलिस उनके साथ थी। चुनाव आयोग भांग खा कर सो रहा था। आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी ने धामी को ऐसा करने पर टोका भी लेकिन धामी लोगों से मिल कर प्रचार करते रहे। आप उममीदवार का यह भी आरोप था कि धामी ने लोगों को मिल कर रुपये भी बांटे। लेकिन वीडियो बनता देख धामी अपने कार्यकर्ताओं के साथ वहां से चले गये। आम आदमी पार्टी ने धामी का प्रचार करते हुए वीडियो बना लिया और उसे चुनाव आयोग को भी भेज दिया है। लेकिन इस बात को हुए 24 घंटों से अधिक का समय बीत चुका है लेकिन आयोग ने क्या कार्रवाई इस बात की कोई जानकारी नही हुई है। वोटिंग वाले दिन भी पुष्कर सिंह धामी अपने पूरे परिवार के संग वोट डालने बूथ पर पार्टी का गमछा, पार्टी की टोली और अंगवस्त्र पहन कर गये। ये भी चुनाव आयोग के दिशा निर्देशों का खुलेआम उल्लंघन है। इतना ही नहीं उत्तराखंड का चुनाव संपन्न हो गया और चुनाव आयोग सोता रहा।
यूपी में मतदान के दौरान ही पीएम मोदी का एएनआई ने इंटरव्यू कर डाला और लगभग सभी टीवी चैनलों ने प्रमुखता से इसे दिनभर चलाया। चुनाव आयोग न जाने किस नशे में सोता रहा है।
यूपी में दूसरे चरण के मतदान से एक दिन पहले सीएम योगी ने एक इंटरव्यू दिया जिसमें उन्होंने अपनी सरकार की उपलब्यिां गिनाते हुए यह कहा कि उन्होंने किसी जाति विशेष के खिलाफ कोई बयान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि 80 प्रतिशत वो लोग जो भाजपा के समर्थक हैं और 20 प्रतिशत वो जो भाजपा के खिलाफ जनहित योजनाओं के खिलाफ है। देश के खिलाफ उन राजनीतिक दलों के साथ हैं जो अराजकतापसंद, पाक व जिन्नाह समर्थक है। उन्होंने ये भी कहा कि देश में वही होगा जो संविधान कहता है शरीयत के अनुसार देश और प्रदेश में कुछ नहीं होगा। योगी ने यह सब बातें मतदान से एक दिन पहले टीवी इंटरव्यू दिया जिसे देश के अधिकांश टीवी चैनल्स ने प्रमुखता चलाया। लोगों का कहना है कि ये सब चुनाव में ध्रुवीकरण को बढ़ावा देने के लिये किया गया है।







