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PM Modi and Nitish are targeting Tejasvi and Rahu Gandhi unsually

#NDA# CM Bihar# Nitish Kumar# Modi & Shah# INDIA Gathbandhan# Bihar Politics# RJD Leader Tejasvi Yadav# Bihar Jan Vishwas Rally# Rahul Gandhi & Akhilesh yadav# Gen. Election#

आपको ये बात अजीब लग रही होगी कि नितीश कुमार एनडीए में फिर बेचैन दिख रहे हैं। ये भी कहा जा सकते हैं कि एनडीए में नितीश कुमार को ले कर फिर से विवाद चल रहा है। ये माना जा रहा है कि नितीश कुमार से मोदी शाह ने कुछ वादे किये थे वो उन से मुकर रहे हैं। इस बात से नितीश कुमार फिर से खफा दिख रहे हैं। ये भी सुना गया कि लालू प्रसाद के खास एक नेता ने सीएम नितीश कुमार से मुलाकात भी की है। इस बार महागठबंधन से अलग होते हुए उन्होंने ये कहा कि अब वो सही जगह आ गये है। वो अब कहींं नहीं जायेंगे। लेकिन यही नितीश कुमार हैं जब उन्होंने कहा था कि मर जाऊंगा लेकिन भाजपा में नहीं जाऊंगा, फिर भी गये ना।

CM Nitish Kumar once again unhappy from Modi Shah due to false promises
CM Nitish Kumar once again unhappy from Modi Shah due to false promises

ये भी सुना जा रहा है कि तीन मार्च होने वाली तेजस्वी यादव की महारैली में राहुल गांधी और अखिलेश यादव भी शामिल होने जा रहे हैं। यह चर्चा है कि इस रैली में सुशासन बाबू भी शामिल होने सकते है।
क्यों नाराज हुए नितीश कुमार
ठीक एक माह पहले नितीश कुमार एनडीए में शामिल हुए और नौंवी बार बिहार के सीएम बन थे। पिछले पांच सालों में नितीश कुमार बीजेपी के सहयोग से दो बार सीएम बन चुके हैं। हर बार तालमेल न बिठा पाने से वो एनडीए को गुड बाय कर चुके है। सुनने में आ रहा है कि इस बार भी उनका मन एनडीए में नहीं लग रहा है। बिहार सरकार को लेकर वो काफी परेशान है। यह सुना जा रहा है कि इस बार नितीश कुमार ने मोदी शाह के सामने यह शर्त रखी थी कि लोकसभा चुनाव के साथ ही विधानसभा चुनाव करवाये जायें। लेकिन अब मोदी शाह बिहार विधान सभा चुनाव कराने के मूड में नही आ रहे हैं। मोदी शाह चा रहे हैं कि नितीश कुमार का पहले आम चुनाव में लाभ उठा लें। बिहार विधानसभा चुनाव को बाद में देखेंगे। भाजपा चाह रही है अगले विधानसभा चुनाव में वो अपने दम चुनाव लड़े। तब तक वो जेडीयू के दिग्गज नेताओं को अपने पाले में खींच लेगी तब नितीश कुमार की उन्हें कोई जरूरत नहीं रहेगी। पहले भी मोदी शाह इस प्रकार की साजिश कर चुके हैं। उसके तहत जेडीयू को पूरी तौर पर कमजोर कर देना चाहते थें लेकिन नितीश कुमार चौकन्ने थे ​इसलिये वो पार्टी बचाने में सफल रहे। लेकिन हर बार नितीश कुमार पार्टी का वजूद बचाने में सफल रहेंगे। ऐसा संभव नहीं है। मोदी शाह की फितरत है कि वो सत्ता के लिये अपने ही घटक दलों को निगल जाते है। एलजेपी, शिवसेना और एनसीपी इसके जीते जागते उदाहरण सामने हैं।

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