हाइलाइट्स:

  • शोपियां के अमशीपोरा मुठभेड़ में मारे गए मजदूरों के शव परिवार को सौंपे जाएंगे
  • 18 जुलाई को सेना के जवानों ने मुठभेड़ में तीन आतंकियों को मारने का दावा किया था
  • जांच में पता चला तीनों राजौरी के रहने वाले आम नागरिक, कश्मीर में मजदूरी करते थे
  • पुलिस ने अब इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनका हत्या में रोल बाहर आया था

गोविंद चौहान, श्रीनगर
कश्मीर के शोपियां जिले के अमशीपोरा इलाके में मुठभेड़ में मारे गए तीनों मजदूरों के शवों को परिजनों के हवाले किया जाएगा। पुलिस महानिदेशक की तरफ से मंगलवार को कहा गया था कि इस मामले में जांच सिरे तक पहुंच गई है। उसके बाद पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया था। जिनका हत्या में रोल बाहर आया था। उन्हें आठ दिनों की रिमांड पर लिया गया है।

बुधवार को आईजी कश्मीर की तरफ से कहा गया है कि अब तीनों मजदूरों के शवों को परिजनों के हवाले कर दिया जाएगा। उनके राजौरी में रहने वाले परिजनों को सूचित कर दिया गया है। उनके आने के बाद कुछ कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जानी हैं। उसके बाद शवों को परिजनों के हवाले किया जाएगा।

सेना ने मुठभेड़ में आतंकियों को मारने का किया था दावा

जानकारी के अनुसार, 18 जुलाई को सेना की एक टीम ने अमशीपोरा शोपियां में तीन आतंकियों को मार गिराने का दावा किया था। सेना की तरफ से बताया गया था कि आतंकी एक मकान में छिपे हुए थे। उन्हें मुठभेड़ में मार गिराया गया। लेकिन दो दिनों बाद राजौरी के तीन परिवारों की तरफ से कहा गया कि जो मारे गए हैं वह आतंकी नहीं हैं बल्कि उनके बेटे हैं जो कश्मीर में मजदूरी के काम के लिए गए थे। इस बात के बाहर आने के बाद ववाल हो गया था।

डीएनए जांच से पता चली पूरी बात

मारे गए मजदूरों में अबरार अहमद, इम्तियाज अहमद और मोहम्मद इबरार शामिल थे। सेना ने उन्हें मार गिराने के बाद उत्तरी कश्मीर में दफना दिया था। लेकिन परिजनों की तरफ से राजौरी जिला प्रशासन से संपर्क किया गया था। जिसके बाद मामले की जांच शुरू हुई थी। इस मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया गया। उसके बाद कश्मीर पुलिस की टीम राजौरी गई और सबूतों को जमा किया। मृतकों के परिजनों का डीएनए सैंपल लिया गया। जोकि तीनों मृतकों से मिलाया गया था। डीएनए टेस्ट से साफ हो गया कि तीनों राजौरी के रहने वाले थे।

हत्या करवाने वाले दो लोगों को पुलिस ने पकड़ा
इस बात के साफ होने के बाद पुलिस ने अपनी जांच को आगे बढ़ाया और दूसरी तरफ सेना ने मुठभेड़ में शामिल सैन्य अधिकारियों और जवानों के खिलाफ समरी ऑफ एविडेंस की कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मामले में जांच के दौरान मंगलवार को पुलिस ने दो लोगों को पकड़ा। उनसे पूछताछ में काफी बात साफ हो गई। पता चला है कि तीनों की हत्या करवाने में उनका रोल था। दूसरी तरफ डीएनए मिलने के बाद मृतकों के परिजनों की तरफ से लगातार शवों को वापस देने की मांग की जा रही थी। जिसके बाद अब पुलिस ने फैसला लिया है कि तीनों के शवों को परिजनों के हवाले किया जाएगा।

आईजी कश्मीर ने कहा, परिवार को सौंपे जाएंगे शव

आईजीपी कश्मीर विजय कुमार ने कहा कि हम मजदूरों के शव उनके परिजनों के हवाले करेंगे। इसके लिए एक कानूनी प्रक्रिया है। उसी का पालन करते हुए तीनों के शवों को परिजनों के हवाले किया जाएगा। उनके परिजनों को इस बारे में सूचित कर दिया गया है।



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