Kharmas 2020: खरमास का विशेष महत्व बताया गया है. पंचांग के अनुसार 14 मार्च से खरमास आरंभ हो रहा है. इस दिन सूर्य का राशि परिवर्तन होगा. सूर्य इस समय कुंभ राशि में गोचर कर रहे हैं. 14 मार्च को सूर्य कुंभ राशि से निकल कर मीन राशि में प्रवेश करेंगे. सूर्य के इस राशि परिवर्तन को मीन संक्रांति के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन पवित्र नदी में स्नान और दान आदि के कार्यों को शुभ माना गया है.

खरमास में क्या नहीं करना चाहिए

खरमास में धार्मिक अध्यात्मिक कार्यों में रूचि लेनी चाहिए. इसके साथ ही खरमास में कुछ कार्यों को वर्जित माना गया है. ऐसा माना जाता है कि खरमास में शादी विवाह, गृह प्रवेश, नई वस्तुओं को खरीद कर घर पर लाना, मुंडन आदि जैसे मांगलिक कार्यों को नहीं करना चाहिए. मान्यता है कि सूर्य खरमास में देवताओं के गुरू बृहस्पति ग्रह की सेवा करते हैं. मांगलिक कार्यों के लिए बृहस्पति ग्रह की ज्योतिष शास्त्र में अहम भूमिका बताई गई है. इसलिए खरमास समाप्त होने पर ही मांगलिक कार्य करने चाहिए.

खरमास एक वर्ष में दो बार आता है

पंचांग और ज्योतिष गणना के आधार पर खरमास एक साल में दो बार आता है. सूर्य जब धनु और मीन राशि में आते हैं तब खरमास आरंभ होता है. धनु और मीन राशि को बृहस्पति ग्रह की राशियां है.

खरमास में क्या करें

खरमास में धार्मिक और अध्यात्मिक कार्यों में रूचि लेनी चाहिए और अनुशासित जीवन शैली को अपनाना चाहिए. खरमास में भगवान विष्णु, भगवान शिव और सूर्य देव की पूजा करने से अच्छे फल प्राप्त होते हैं. खरमास में स्वच्छता, सेहत और भोजन का उचित ध्यान रखना चाहिए. नित्य सूर्य भगवान को जल देना चाहिए. ऐसा करने से सूर्य देव जीवन में यश में वृद्धि करते हैं.

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