सीमा विवाद पर बातचीत के लिए परामर्श और समन्वय संबंधी कार्यतंत्र डब्लूएमसीसी की बैठक जल्द हो सकती है। पर्दे के पीछे से दोनों देश राजनयिक स्तर पर संपर्क में हैं। माना जा रहा है कि सैन्य कमांडर स्तर की बातचीत के साथ ही राजनयिक स्तर पर बने तंत्र की बातचीत भी नए सिरे से संभव है।
सूत्रों ने कहा विभिन्न स्तरों पर तनाव कम करने का रोडमैप पहले की बैठकों में बना है। उसे ईमानदारी से क्रियान्वित करने की जरूरत चीनी पक्ष को है। सूत्रों ने कहा, भारत तनाव घटाने के लिए किसी भी स्तर पर वार्ता को तैयार है। साथ ही भारत की ये भी मंशा है कि तय सहमति का जमीनी स्तर पर अनुपालन भी सुनिश्चित हो।
सीमा तनाव के लिए चीन ने फिर भारत पर मढ़ा दोष, कहा- हम मान रहे समझौते
गौरतलब है कि चीन ने भी संकेत दिया था कि सीमा पर गतिरोध और अधिक घटाने के लिए चीन और भारत काम कर रहे हैं। दोनों देश अगले दौर की वार्ताओं के लिए विशेष इंतजाम करने को लेकर परामर्श करेंगे। चीन और भारत की थल सेनाओं ने मई की शुरुआत में उपजे सीमा गतिरोध का हल करने के लिए छह नवंबर को कोर कमांडर स्तर की आठवें दौर की बैठक की थी।
सूत्रों ने कहा चीन और भारत के बीच सीमा मुद्दे पर लगातार संपर्क कायम है। मौजूदा आमसहमति को क्रियान्वित करने के आधार पर आगे की बातचीत होनी है। सूत्रों के अनुसार, चीन की तरफ से ज्यादा ईमानदारी के साथ समझौतों को लागू करने की जरूरत है। अगले दौर की वार्ताओं में भी भारत चीन से जमीन पर बनी सहमति पर तेजी से क्रियान्वयन की मांग करेगा। विभिन्न दौर की वार्ता में भारत का रुख स्पष्ट हो चुका है। चीन के दावों पर भारतीय पक्ष लगातार नजर बनाए हुए है।







