नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:
सबसे ऐडवांस्ड स्टेज में कौन सी वैक्सीन?
अमेरिका, ब्रिटेन और चीन… इन तीनों देशों की एक-एक वैक्सीन दुनियाभर में सबसे आगे है। इन तीनों का इंसानों पर ट्रायल ऐडवांस्ड स्टेजेस में है। यूनाइटेड किंगडम की कंपनी अस्त्राजेनेका (AstraZeneca) और अमेरिकी कंपनी मॉडर्ना (Moderna) की वैक्सीन हासिल करने के लिए कई देशों में होड़ लगी है। इन दोनों कंपनियों ने कई सरकारों से वैक्सीन की भारी डोज सप्लाई करने का सौदा किया है।
ऑक्सफर्ड, J&J की वैक्सीन भी बंदरों पर असरदार
‘नेचर’ जर्नल में छपी स्टडी के मुताबिक, ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी और अस्त्राजेनेका की वैक्सीन बंदरों को कोरोना इन्फेक्शन से बचाने में कामयाब रही है। इसी जर्नल की एक और स्टडी कहती है कि जॉनसन एंड जॉनसन (J&J) की वैक्सीन ने भी ऐसे ही नतीजे दिए। फिलहाल इन दोनों वैक्सीन का इंसानों पर ट्रायल चल रहा है। ऑक्सफर्ड की वैक्सीन जहां फेज 3 ट्रायल से गुजर रही है वहीं J&J की वैक्सीन फेज 1 और 2 में है।
ब्रिटेन में एक और वैक्सीन का ट्रायल शुरू
लंदन का इम्पीरियल कॉलेज एक एक्सपेरिमेंट कोविड वैक्सीन का सैकड़ों लोगों पर ट्रायल कर रहा है। छोटे ग्रुप्स पर ट्रायल में सेफ्टी को लेकर कोई परेशानी न आने पर बड़ा ट्रायल शुरू किया गया है। न्यूज एजेंसी एपी से बातचीत में कॉलेज के प्रोफेसर डॉ रॉबिन शैटॉक ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इतनी सारी वैक्सीन के ट्रायल में से कम से कम दो तो काम करेंगी हीं। उन्होंने कहा कि इम्पीरियल कॉलेज की वैक्सीन भी असरदार साबित होगी लेकिन ट्रायल के साइंटिफिक डेटा का इंतजार करना चाहिए।
चीनी हैकरों ने US वैक्सीन को बनाया था निशाना?
Moderna Inc को चीन सरकार से जुड़े हैकर्स ने साइबर हमले का निशाना बनाया था। इस हमले के जरिए कोरोना वैक्सीन से जुड़ा रिसर्च चुराने की कोशिश की गई। चीन की हैकिंग ऐक्टिविटी पर नजर रख रहे अमेरिका के सिक्यॉरिटी अधिकारियों ने यह दावा किया है। पिछले हफ्ते अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट ने दो चीनी नागरिकों पर अमेरिका में जासूसी का आरोप लगाया था। पढ़ें पूरी खबर
कहां तक पहुंचा देसी कोरोना वैक्सीन का काम?
रूसी वैक्सीन को अगले महीने अप्रूवल?
रूस ने कहा कि मॉस्को के एक रिसर्च इंस्टीट्यूट की वैक्सीन को अगले महीने की 10 तारीख तक फाइनल रेगुलेटरी अप्रूवल मिल सकता है। आम जनता के लिए वैक्सीन सिंतबर तक उपलब्ध कराई जा सकती है। हालांकि यह वैक्सीन अभी फेज-2 ट्रायल्स से गुजर रही है, उसके नतीजों के आधार पर इसे शर्तों के साथ मंजूरी दी जा सकती है। पब्लिक यूज के साथ-साथ फेज 3 ट्रायल भी चलता रहेगा।
भारत में कोरोना वैक्सीन की डोज पहले किसे?
कोरोना वायरस की वैक्सीनउपलब्ध होने के बाद सबसे पहले किसे मिलनी चाहिए? इस बात पर सरकार के भीतर भी चर्चा चल रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने गुरुवार को ये तो कहा कि इस बारे में कोई आखिरी फैसला नहीं हुआ है। मगर उन्होंने साथ में इशारा जरूर कर दिया कि प्राथमिकता हेल्थ वर्कर्स को मिल सकती है। पूरी खबर पढ़ें







