Maharashtra Floods: महाराष्ट्र के तटीय क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण हुईं भूस्खलन की घटनाओं के बाद 89 शव बरामद किए गए हैं और 34 लोग लापता हैं. राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने रविवार को यह जानकारी दी. एनडीआरएफ के महानिदेशक एस एन प्रधान ने राज्य के रायगढ़, रत्नागिरी और सतारा जिलों में चलाए जा रहे अपने अभियान पर ताजा आंकड़ों की जानकारी ट्वीट के माध्यम से दी.

आंकड़ों के अनुसार, एनडीआरएफ ने इन इलाकों से कुल 89 शव बरामद किए हैं जिनमें से सबसे अधिक 47 शव रायगढ़ की महाड तहसील के सबसे अधिक प्रभावित तालिये गांव से बरामद किए गए हैं. अपराह्न तीन बजकर 15 मिनट पर अद्यतन किये गए आंकड़ों के अनुसार, इन तीन जिलों में 34 लोग लापता हैं.

एनडीआरएफ ने महाराष्ट्र के प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य के लिए 34 दलों को तैनात किया है. आंकड़ों के अनुसार, एनडीआरएफ दल रायगढ़ के तालिये, रत्नागिरी के पोरसे और पेढ़े और सतारा के मीरगांव, अंबेघर और ढोकवाले में भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रही है.

महाराष्ट्र में बाढ़, भूस्खलन और बारिश से सम्बंधित अन्य घटनाओं में मरने वालों की संख्या रविवार को 113 पर पहुंच गई. राज्य सरकार ने बताया कि पिछले एक दिन में एक और व्यक्ति की मौत हो गई और 100 लोग लापता हैं. इन घटनाओं में अब तक 50 लोग घायल हो चुके हैं.

तीन जिलों में स्थिति अभी भी गंभीर- अजित पवार

इस बीच राज्य के डिप्टी सीएम अजित पवार ने कहा, “कोल्हापुर, सतारा और सांगली में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर है. मैंने आज पहले सीएम से बात की थी. मैं आज सतारा जा रहा हूं और कल सांगली और कोल्हापुर जाऊंगा. हम लगातार रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग के अधिकारियों के संपर्क में हैं.”

इसके साथ ही उन्होंने कहा, “राज्य सरकार सभी प्रभावित स्थानों के लोगों के साथ खड़ी है. बचाव कार्य जारी है. हमने सभी एजेंसियों को काम पर लगाया है. 6 प्रभावित जिलों से लगभग 1 लाख लोगों को निकाला गया है. बारिश रुक गई है लेकिन बाढ़ धीरे-धीरे कम हो रही है.”

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