महाराष्ट्र में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मामलों को देखते हुए एक बार फिर उद्धव ठाकरे सरकार ने लॉकडाउन बढ़ा दिया है। अब इसकी समयससीमा 31 अगस्त कर दी गई है। हालांकि, सरकार ने जनता को कुछ राहत भी प्रदान किया है। मॉल्स और मार्केट कॉम्प्लेक्स को सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक खोलने की इजाजत दे दी गई है।
Edited By Vaibhava Pandey | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:
मुंबई
महाराष्ट्र देश का इकलौता राज्य बन चुका है जहां पर कोरोना वायरस से संक्रमित मामलों की संख्या 4 लाख पार जा चुकी है। दिनोंदिन बढ़ते जा रहे कोरोना मामलों को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने एक बार फिर लॉकडाउन बढ़ाते हुए 31 अगस्त तक समयसीमा निर्धारित कर दी है। हालांकि, ‘मिशन बिगन अगेन’ के तहत कई रियायतें भी दी गई हैं। 5 अगस्त से मॉल्स और मार्केट कॉम्प्लेक्स खुल जाएंगे पर मॉल्स के थिएटर और फूड कोर्ट बंद रहेंगे। सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक मॉल्स खोलने की इजाजत दी गई है।
टैक्सी में 4 तो बाइक पर दो के बैठने की छूट
इसके अलावा ऐसे खेल जिसमें ज्यादा लोग या टीम नहीं होती है जैसे गोल्फ, आउटडोर फायरिंग, जिमनास्टिक, टेनिस, बैडमिंटन के कोर्ट भी 5 अगस्त से शुरू किए जा सकते हैं। वहीं, अब टैक्सी और दूसरे 4 व्हीलर में ड्राइवर और 3 लोग बैठ सकते हैं। बाइक पर 2 लोगों को अनुमति दी गई है। इससे पहले 29 जून से लेकर 31 जुलाई तक लॉकडाउन लगाया गया था जिसकी समयसीमा अब खत्म होने जा रही है। चूंकि महाराष्ट्र में कोरोना के चलते हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं, इसलिए लॉकडाउन की सीमा बढ़ाकर 31 अगस्त की रात 12 बजे तक कर दी गई है।
24 घंटे में मिले 9,211 नए केस
आपकों बता दें कि बुधवार को महाराष्ट्र में 9,211 नए कोरोना मामले मिले हैं। अब यहां कुल मरीज 4 लाख 651 हो गए हैं। स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने बताया कि 24 घंटों में जिन 298 लोगों ने अपनी जान संक्रमण की वजह से गंवाई, उनमें से 6 अकेले मुंबई के हैं। इसके साथ ही राज्य में मरने वालों की संख्या 14,463 हो गई है। वहीं, महानगर मुंबई में 24 घंटे में 1109 नए कोरोना केस मिले हैं। कुल 11643 लोगों की जांच की गई।
….पर मुंबई में कम हो रहा खतरा!
दिल्ली के बाद अब मुंबई में भी कोरोना कम घातक होता नजर आ रहा है। सीरो सर्वे के अनुसार, मुंबई के स्लम एरिया में रहने वाले 57 फीसदी लोगों के शरीर में ऐंटीबॉडी विकसित हो गए हैं। यानी इन्हें कोरोना हुआ था और उन्हें इसकी भनक तक नहीं लगी। कोरोना से जूझते मुंबई के लिए यह एक राहत वाली खबर है। इससे पहले दिल्ली में कोरोना के मामलों में कमी देख हर्ड इम्युनिटी विकसित होने की बात कही गई। हालांकि इसकी जांच के लिए वहां फिर से सीरो सर्वे होगा। मुंबई में जुलाई महीने के पहले 15 दिन में तीन वार्ड आर नॉर्थ, एम-वेस्ट, एफ-नॉर्थ के झुग्गी बस्ती में रहने वालों और झुग्गी से इतर इलाकों में रहने वालों के 6,936 नमूने लिए गए। इसमें पता चला कि शहर में बिना लक्षण वाले संक्रमण से पीड़ित लोगों की संख्या काफी ज्यादा है। बीएमसी ने बताया कि स्टडी में खुलासा हुआ है कि स्लम में रहनेवाली 57 फीसदी आबादी और गैर झुग्गी क्षेत्रों की 16 फीसदी आबादी के शरीर में ऐंटीबॉडी बन गए हैं।








