पिछले छह सालों में राजनीति में धर्म का इस्तेमाल धड़ल्ले किया जा रहा है। इसका उपयोग बीजेपी द्वारा जमकर किया गया है। चूंकि भारत एक धर्मपरायण और धर्मभीरु देश है इसलिये भाजपा को सत्ता पाने में भारी सफलता मिली है। आगे भी वो इसी कार्ड को खेलने जा रही है। धर्म को राजनीति में प्रयोग कर बीजेपी ने 2014 में भारी सफलता प्राप्त की और मोदी सरकार ने दूसरी बार सत्ता प्राप्त कर अयोध्या में विवादित राममंदिर निर्माण का भी मुकदमा जीत कर हिन्दुओं का दिल जीत लिया है। एक तरह से बीजेपी और मोदी सरकार ने आगामी लोकसभा चुनाव में एक बार फिर से सत्ता आने का मुद्दा तैयार कर लिया है। मोदी सरकार के लिये रोजगार, स्वास्थ्य , शिक्षा ओर आर्थिक व्यवस्था को मुद्दा नहीं है। जीडीपी रसातल में पहुंच रही है। उससे सरकार को परेशानी नहीं है। सरकार की प्राथमिकता तो यूपी के अयोध्या में राममंदिर का निर्माण है जिसके लिये वो साम दाम दंड भेद की नीतिअपना रही है।
राम मंदिर निर्माण के लिये सरकार और बीजेपी समेत अनेक हिन्दूवादी संगठनों ने चंदा अभियान चलाने की शुरुआत कर दी है। इस अभियान में सरकार के मंत्री प्रधानमंत्री राष्ट्रपति समेत पूरी कैबिनेट ने चंदा देना शुरू कर दिया है। राष्ट्रपति कोविंद ने पांच लाख एक हजार का चंदा मंदिर निर्माण में योगदान स्वरूप भेंट किया है। ध्यान देने वाली बात यह है कि प्रधानमंत्री, कैबिनेट मंत्री आदि ऐसे दान कर रहे हैं जैसे यह राशि उनकी निजी है। वो जो भी आमदनी कर रहे हैं वो सब जनता के कर से है उसे वो निजी मामलों में कैसे कर सकते हैं। लेकिन इस बात को जानकर भी लोग चुप बैठे हैं। उन्हें मालूम है कि नक्कारखाने में तूती की आवाज कोई सुनने वाला नहीं हैं।
हाल ही में यह घोषणा हुई है कि मंदिर निर्माण के लिये पूरे देश में अभियान चला कर चंदा वसूला जायेगा। देश के 12 लाख गांवों में पांच करोड परिवारों से चंदा वसूला जायेगा। यहां भी उनसे हिन्दू धर्म के नाम पर अवैध वसूली की जायेगी। अभी लोग कोरोना के कहर से उबरे भी नहीं हैं कि मंदिर निर्माण के नाम पर अवैध वसूली का अभियान शुरू हो गया है। उद्योग धंधे चैपट हो गये हैं। लाखों लोग बर्बाद हो गये हैं। लोगों को पेट पालना दूभर हो गया है। सरकार उद्योग धंधे चालू करवाने की जगह मंदिर निर्माण कराने में जुटी हुई है। कोरोना काल में बंद हुए कारखाने खुलवाने और उनकी मदद करने की जगह सरकार उनसे कर्ज लेने की बात कर रही है। सरकार के समर्थन पर अब हिन्दूवादी संगठन जबरन अवैध वसूली में जुट जायेंगे। चंदा दो या इन गुर्गों की हिंसा का शिकार बनो। रहना है तो इन गुंडों मवालियों के जुर्म को सहो। देश में रहना है तो राधे राधे कहना है। कोराना काल में सरकार ने कई तरह के सेस लगाये थे जो अभी भी जारी है।








