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आम चुनाव सिर पर आ गया है। देश के दो बड़े गठबंधन तैयारी में जुट गये हैं। एक तरफ पीएम मोदी ने एक बार फिर मंदिर और हिन्दुत्व का सहारा ले कर चुनावी वैरतरणी पार करने का मन बनाया है। इसके अलावा प्लान बी के तहत इंडिया गठबंधन के दलों को अपने पाले में लाने का मन बना लिया है। इसके तहत सबसे पहला शिकार प बंगाल की शेरनी ममता बनर्जी को बनाया। अगर ममता और कांग्रेस में एकता बनी रहती तो बीजेपी और मोदी सरकार के लिये परेशानी बढ़ जाती इसी लिये ये हालात पैदा कर दिये कि इंडिया गठबंधन खत्म हो जाये। कुछ हद तक वो सफल भी होते दिख रहे हैं। लेकिन राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा से भी मोदी शाह की दिल की धड़कनें बढ़ा रखी है।
यात्रा में जो अपार जनता उमड़ रही है सहयोग और समर्थन मिल रहा है वो मोदी शाह की राह में रोड़े अटकाती दिख रही है। इसके अलावा मोदी शाह ने उन क्षत्रपों को भी अपने पाले में लाने के लिये कैबिनेट मंत्रियों को लगा रखा है। आरएलडी को अपने पाले में लाने के लिये पीयूष गोयल को लगाया गया था। मंत्री ऐसा करने में सफल भी हो गये है। कुल मि कर निष्कर्ष यह है कि राजनीति में सिर्फ सत्तादल ही रहे विपक्ष बिल्कुल साफ हो जाये।

हेमंत सोरेन पर दांव उल्टा पड़ा
पिछले दो एक साल से मोदी शाह चाह रहे हैं कि हेमंत सोरेन कांग्रेस का दामन छोड़ मोदी शाह के साथ मिलकर झारखंड में सरकार चलायें। लेकिन सोरेन ने उनके इस आफर को नकार दिया। उसके बाद वो इंडिया गठबंधन के साथ मजबूती से खड़े है। इस पर मोदी शाह ने जांच एजेंसियों को उनके पीछे लगा दिया। ईडी उन्हें दस नोटिस दिये लेकिन वो ईडी के सामने नहीं गये। जब उन्हें लगने लगा कि अब मोदी शाह के इशारों पर सीएम को गिरफ्तार कर जेल भेज देगी। इससे पहले उन्होंने अपना उत्तराधिकारी बना कर राज्यपाल को विधायकों की सूची पेश कर दी। वहीं से ईडी सोरेन को गिरफ्तार कर लिया। यह इतिहास में पहली बार देखा गया कि एक मुख्यमंत्री को ईडी ने कथित फर्जी मामले में जेल भेजा है।
शिवसेना और एनसीपी को बर्बाद कर दिया

महाराष्ट्र में मोदी शाह ने मिलकर शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को किनारे लगा दिया है। उन्हें भी साधने के लिये एक कैबिनेट मिनिस्टर को लगा दिया गया है कि वो भी एनडीए की शरण में चले जायें। अन्यथा उनकी पार्टी का नाम लेने वाला कोई नहीं बचेगा। जैसा कि उन्होंने शिवसेना के साथ किया चुनाव आयोग की मदद से दो टुकड़े कर दिये। मोदी सरकार के इशारे पर बागी शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे गुट को असली शिवसेना और लोगो झण्डा दिलवा दिया ठीक इसी तर्ज पर एनसीपी के बागी नेता अजित पवार को एनसीपी का असली हकदार बनवा दिया। शरद पवार जैसा तेज तर्रार नेता भी बीेजेपी के कुचक्र को नहीं समझ सका। दिलचस्प बात यह है कि भाजपा जिस अजित पवार के खिलाफ धरना प्रदर्शन करती थी। पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस अजित पवार को जेल भेज कर चक्की पीसने की बात करते थे। वो अजित पवार के साथ सरकार उपमुख्यमंत्री बने हुए हैं। भाजपा ने अजित पवार पर 70 हजार करोड़ के घोटाले का आरोप लगाया था। फिलहाल अजित पवार के खिलाफ ईडी सीबीआई ने ढील दे रखी है।
तेलंगाना, ओडिशा और आंध्र प्रदेश पर निगाहें
अब मोदी शाह की नजरें ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक पर है जो न तो एनडीए में हैं और न ही इंडिया गठबंघन के साथ हैं। उन्हें भी आफर दिया है कि या तो वो एनडीए के साथ आ जाये या इंडिया गठबंधन से दूर रहे। ठीक इसी तर्ज पर केसीआर को भी संदेश दिया गया है कि अब उनके पास सत्ता नहीं है इसलिये अब एक ही रास्ता बचा है कि एनडीए में शामिल हो जाओ। उधर आंध्र प्रदेश के सीएम जगनमोहन रेड्डी भी शामिल होने को बेकरार हैं। ओडिशा में विश्व गुरु का कोई खास प्रभाव नहीं है। लेकिन पीएम मोदी इस बार फिर वहां सेंध लगाने की सोच रहे हैं। ये बात और है कि वहां कुछ फायदा मिलेगा कि नहीं। ये बात तो साफ है कि मोदी तीसरी बार पीएम बनने के लिये कुछ भी करने को तैयार हैं।








