Modi Shah is feeling heat from CM Shivraj & Ex Cm Vasundhara raje in Next general elections 2024
Modi Shah is feeling heat from CM Shivraj & Ex Cm Vasundhara raje in Next general elections 2024

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देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आजकल काफी चिंतित है। उनकी चिंता भी जायज है। इसी साल पांच राज्यों में चुनाव हो रहे हैं। अगलेे साल आम चुनाव भी होने हैं। बस इसी बात से परेशान हैं कि ऊंट किस करवट बदलेगा। उन्हें कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के साथ अंदरूनी कलह की चिंता सता रही है। उन्हें मालूम है कि पार्टी के अंदर भी बगावती सुर सुनायी देने लगे हैं। मोदी शाह दोनों मिलकर दिग्गज नेताओं को ठिकाने लगाने में जुट गये है। मोदी शाह के निशाने पर राजनाथ, योगी और गडकरी भी हैं आने वाले वक्त में इन्हें भी ठिकाने लगाने की कोशिश की जायेगी। मोदी को इस बात की चिंता है कि उन्होंने 15 अगस्त को फिर से पीएम बनने का बयान दे दिया है लेकिन जो हालात दिख रहे हैं उससे उनके सपने पूरे होते नहीं दिख रहे हैं। पीएम मोदी नहीं चाहते हैं कि उनकी पार्टी का कोई नेता पीएम पद की रेस में न आये। यही वजह है कि अभी से दिग्गज नेताओं को किनारे लगाया जा रहा है।

Modi Govt. is not serious about common Men problems Modi govt is busy in elections for capture powerin various states
Modi Shah is bussy to remove bjp MP, Ministers & Sr. Leaders to have control on Party

दिग्गज नेताओं को ठिकाने लगाया
इसकी शुरुआत डा.रमन सिंह, शिवराज चौहान, वसुंधरा राजे समेत केन्द्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, कुलस्ते फग्गन, कैलाश विजयवर्गीय नेताओं को किनारे लगा दिया है। मध्यप्रदेश चुनाव में तीन मंत्रियों समेत सात सांसदों को विधायकी का टिकट थमा दिया है। ऐसा इसलिये किया गया है कि आगामी आम चुनाव में पार्टी कई बार के सांसदों को टिकट न देने की योजना बना रही है। इसी तरह राजस्थान में भी सात सांसदों समेत कई मंत्रियों को विधानसभा चुनाव में टिकट दे दिया है। लेकिन प्रदेश भाजपा में काफी असंतोष दिख रहा है। मध्यप्रदेश बीजेपी में तो भगदड़ मच गयी है। खास तौर से कांग्रेस के बागी विधायक भाजपा छोड़ अपनी पहली पार्टी में वापसी कर रहे हैं। मोदी शाह ने शिवराज को तो लगभग किनारे लगा ही दिया है। पीएम मोदी प्रचार करने जाते हैं तो शिवराज का नाम तक नहीं लेते हैं और न ही उनकी सरकार की उपलब्ध्यिां गिनाते हैं। पूरे भाषण में मोदी सरकार की तारीफ करते नहीं थकते हैं। दो लिस्ट में शिवराज को टिकट भी नहीं दिया। इस पर शिवराज ने जनसभा में ही सवाल उठा दिया कि उन्हें चुनाव लड़ना चाहिये या नहीं। मोदी जी को पीएम बनना चााहिये या नहींं इस ​तरह शिवराज के बागी तेवर देख केन्द्र ने तीसरी लिस्ट में शिवराज का नाम ऐलान कर दिया। एक बात गौर करने वाली ये है कि मोदी शाह दिग्गज नेताओं को ठिकाने लगाने के साथ सेकिंड लाइन लीडर शिप तैयार कर रहे हैं जो सिर्फ मोदी शाह का हुक्म बजायेंगे। इस तरह पार्टी और देश दोनों पर कब्जा बना रहेगा। प्रदेश सरकारों में भी वो रिमोट कंट्र्रोल वाला सीएम बनाना चाहते हैं जो उनके इशारों पर काम करे।
राजस्थान में वसुंधरा को अभी तक टिकट नहीं दिया
राजस्थान में अभी एक लिस्ट ऐलान की है जिसमे वसुंधरा को टिकट नहीं दिया है। उनके खाास लोगों को भी टिकट नहीं गया है। पीएम मोदी ने राजस्थान और राजस्थान में चुनावी बागडोर अपने हाथ में ले ली है। वो हर जगह ये कह रहे हैं कि सीएम का कोई फेस नहीं। चुनाव कमल के नाम पर लड़ा जायेगा। दिलचस्प बात यह है कि पूर्व उपराष्ट्रपति भैरो सिंह शेखावत के दामाद का भी टिकट काट दिया गया है। राजस्थान बीजेपी में भैरोसिंह शेखावत और वसुंधरा राजे का डंका बजता है। इसके अलावा पार्टी ने वसुंधरा समर्थकों के टिकट भी काट कर सांसदों और मंत्रियों को टिकट दिया गया है।
अर्जुनराम मेघवाल, गजेंद्र शेखावत और राज्यवर्धन चुनाव लड़ेंगे
तिजारा के सांसद और महंत बालक नाथ को भी टिकट दिया है। सांसद दिया कुमारी को भी जयपुर की विद्याधर नगर से टिकट दिया गया है यहां से शेखावत के दामाद राजवीर विधायक रहे हैं। ऐसा लग रह है कि पार्टी दिया कुमारी को वसुंधरा की तोड़ के लिये लायी है। दोनों ही राजघराने से संबंध रखती हैं। लेकिन वसुंधरा के आगे दीया ​कुमारी का कोई प्रभाव जनता में नहीं दिखता है। वसुंधरा दो बार प्रदेश की सीएम रह चुकी हैं। उनके साथ महिला वोटर्स की ताकत है। दीया कुमारी की अपनी कोई पहचान नहीं है। वैसे राजनीतिक पंडितो का मानना है कि मोदी और शाह ने मंत्रियों और सांसदों को किनारे लगा दिया है अगर विधायक बन जाएंगे तो सांसदी के उम्मीदवार नहीं रहेंगे। इस तरह से नये लोगों को लोकसभा चुनाव में भागीदारी करने का मौका मिलेगा। पुराने नेताओं से छुटकारा मिल जायेगा।
खतरे की घंटी है वसुंधरा की चुप्पी
पिछले कई दिनों से वसुंधरा का कोई बयान नहीं आया है। यह तूफान आने के पहले की चुप्पी है। अभी वो जस्ट वेट एण्ड वाच की पॉलिसी अपनायें है। ये बात तो तय है कि वसुंधरा अपनी जिद की पक्की हैं। वो कट जाना पसंद करेंगी लेकिन मोदी शाह के आगे सिर नहीं झुकायेंगी। अगर उनके मुताबिक टिकट नहीं दी गयी तो वो अपने समर्थकों के साथ निर्दलीय चुनावी मैदान में उतर सकती है। वो सिर्फ सभी टिकटों के वितरण होने का इंतजार कर रही है। वैसे भी जिन सांसदों और मंत्रियों को पार्टी ने टिकट दिया है उनका जबरदस्त विरोध हो रहा है। राजस्थान और मध्य प्रदेश में जो हालात हैं उससे साफ लग रहा है कि दोनों जगहों पर बीजेपी की मिट्टी पलीत होने जा रही है।

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