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प बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने यह साफ कर दिया कि वो प बंगाल में लोकसभा का चुनाव अकेले अपने दम लड़ने जा रही हैं। कांग्रेस के साथ वो सीटों की कोई शेयरिंग नहीं करने वाली हैं। ममता बनर्जी का यह बयान उस वक्त आया है जब राहुल गांधी देश भर में भारत जोड़ो न्याय यात्रा का आयोजन कर रहे हैं। दीदी के इस बयान से इंडिया गठबंधन के अन्य दल भी हैरान हो गये हैं। फिलहाल कांग्रंेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि ममता जी गठबंधन की एक मजबूत हिस्सा हैं और आगे भी रहेंगी।

ममता बनर्जी का यह बयान ठीक एक पहले आया जब कि राहुल गांधी प बंगाल में न्याय यात्रा लेकर प्रवेश करने वाले है। ममता बनर्जी के यू टर्न मारने से इंडिया गठबंधन में भगदड़ सी मच गयी है। दिलचस्प बात यह है कि ममता दीदी ने गठबंधन से अलग होने की बात भी नहीं कही है। उनका कहना है कि अपने राज्य में तो वो कांग्रेस के लिये एक सीट पर समझौता नहीं करने वाली लेकिन राष्ट्रीय पर वो गठबंधन के साथ में है। ममता जानती हैं कि उनकी पार्टी का वर्चस्व सिर्फ प बंगाल तक ही है। राष्ट्रीय स्तर पर न तो उनकी कोई चहचान है और न ही टीएमसी का प्रभाव। दरअसल ममता बनर्जी को एक बात का और डर है कि जिस तरह राहुल गांधी की लोकप्रियता और स्वीकार्यता बढ़ती जा रही है उससे उनके राजनीतिक भविष्य पर संकट दिख रहा है। ये वो किसी भी सूरत में होने नहीं देना चाहती हैं।

न्याय यात्रा को जिस तरह मणिपुर नागालैड और असम में जनसमर्थन और सहयोग मिल रहा है राहुल गांधी का व्यक्तित्व निखर रहा है उससे असम के सीएम हिमंता बिस्व सरमा इस कदर बौखला गये हैं कि घ्टिया राजनीति पर उतर आये हैं। लोग का कहना है कि वो खबरों में बने रहने के लिये किसी भी स्तर पर गिर सकते हैं। वो राहुल गांधी पर निजी और पारिवारिक टिप्पणियां करने से भी नहीं चूक रहे हैं। खबर में छाये रहने के लिये रोज सोशल मीडिया पर बयान देते रहते हैं। लेकिन इसका राहुल गांधी की छवि और भी ज्यादा निखर रही है। लोग उनके भाषणों व जनसभाओं में भारी तादाद में पहुंच रहे है। राहुल गांधी सरमा पर तीखे हमले करने बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसा करने से मौजूद लोग उनके हमलों और साहस के कायल हो रहे है। अब लोगों को लगने लगा है कि गठबंधन मंें राहुल गांधी ही एकमात्र नेता है जिन्हांेंने पीएम मोदी और एनडीए की नाक में दम कर रखा है।

ममता, भगवंत मान और फिर नितीश के बागी सुर
ममता उसके बाद पंजाब के सीएम भगवंत मान ने प्रेस सामने यह कह कर हैरान कर दिया कि नेशनल लेवल पर इंडिया गठबधंन पर आला कमान से बातचीत हुई होगी पंजाब मंे तो कांग्रेस से सीट शेयरिंग की बात नहीं है। यहां आम आदमी पार्टी की भारी बहुमत की सरकार है यहां किसी भी पार्टी से समझौता नहीं किया जा सकता है। मजेदार बात यह है कि आप संयोजक अरविंद केजरीवाल की तरफ से कोई इस मामले में टिप्पणी नहीं की है। यह सिर्फ इंडिया गठबंधन में अपना प्रभाव बढ़ाने का सिर्फ नाटक है। ऐसा ही कुछ कांग्रेस की ओर से किया जा रहा है। पंजाब कांग्रेस के बड़े नेता भी पंजाब सरकार और आम आदमी पार्टी के खिलाफ अक्सर जहर उगलते रहते हैं। बदजुबानी दोनों ही पाटियों की ओर से की जा रही है जिसका नुकसान गठबंधन को हो सकता है लेकिन फायदा जरूर बीजेपी हो सकता है। इस मामल में मोदी शाह बहुत ही शातिर है।

नितीश कुमार के एक बार फिर पलटने के आसार
2022 में नितीश कुमार ने महागठबंधन से हाथ मिला कर सत्ता काबिज की थी। तब से अब तक जेडीयू और राजद के साथ मिलकर यह दिखाया कि यह सरकार बेरोकटोक और लंबी पारी खेलेेगी लेकिन नितीश कुमार अपने मौका परस्त स्वभाव के लिये जाने जाते हैं। अब तक नितीश कुमार चार बार एनडीए के साथ और चार बार महागठबंधन के साथ सरकार में मुख्यमंत्री बन चुके हैं। राजनीतिक जगत में उन्हें पल्टीमार कहते हैं या मौसम विज्ञानी जो मौसम अनुसार अपनी राजनीतिक आस्थाएं बदल देते हैं। सुशासन बाबू को लग रहा है कि आगामी आम चुनाव में अगर इंडिया गठबंधन कुछ अच्छा नहीं कर सका तो उनका ओर उनकी पार्टी का तो बेड़ा गर्क हो जायेगा। उम्र तो उनकी भी रिटायरमेंट की हो गयी लेकिन उनके मंसूबे पूरे नहीं हुए है। पिछले विधानसभा चुनाव में उन्होंने कहा था कि ये उनका आखिरी चुनाव है। लेकिन यह कहना गलत न होगा कि वो सक्रिय राजनीति अलग नहीं होना चाहते हैं। बीजेपी की ओर से भी ये इशारे किये जा रहे है कि अभी रास्ते बंद नहीं हुए हैं। इसी लिये पार्टी अध्यक्ष ललन सिंह को हटा कर पार्टी क कमान नितीश कुमार ने अपने हाथ में ले ली है। उनके रवैये में कुछ समय से बदलाव देखा जा रहा था कि जब गठबंधन ने उन्हें संयोजक पद देना चाहा तो उन्होंने लेने से इनकार कर दिया।
ममता ने लगाया कांग्रेस पर गंभीर आरोप
बुधवार को प बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि कांग्रेस ने उन्हें कांग्रेस की भारत जोड़ो न्याय यात्रा के बारे में कोई सूचना नहीं दी। ऐसे में काग्रेस साफ कर दिया कि 13 जनवरी की ऑन लाइन बैठक में ममता दीदी को इस बात की जानकारी दी थी। इतना ही नहीं ईमेल के जरिये साथ फिजिकल पत्र भी गया था। इसके अलावा राहुल गांधी ने भी अपनी ओर से पत्र लिखकर जानकारी दी थी। ममता बनर्जी के इस बयान पर प बंगाल कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने ममता दीदी के इस बयान की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस प बंगाल में अपने दम पर लोकसभा चुनाव लड़ने में सक्षम है। लोग ममता के इस बयान के कई मायने निकाल रहे हैं। चर्चा है कि पिछले कई सालों से ईडी सीबीआई की टीमें अभिषेक बनर्जी पर शिकंजा कसा हुआ है। इससे ममता दीदी काफी परेशान दिखीं थी। इसके अलावा एक दर्जन से अधिक टीएमसी सांसद और नेता जांच एजेंसियों के राडार पर हैं।

इंडिया गठबंधन में टूट क्यों हुई
पिछले साल जितने जोश खरोश से जून में इंडिया गठबंधन का जन्म हुआ था ऐसा लग रहा था कि यह गठबंधन मोदी सरकार और एनडीए को कड़ी टक्कर देने की क्षमता रखता है। लेकिन मोदी सरकार की यह चाल रही कि वो किसी तरह गठबंधन को तोड़ने सफल रहेगी। आखिरकार उनको यह सफलता 2024 के जनवरी माह के अंत मिल गयी। इसके लिये मोदी शाह ने सभी प्रकार के हथकंडों का इस्तेमाल किया। सारी जांच एजेंसियों को इंडिया गठबंधन के नेताओं पीछे लगा दिया गया। मोदी शाह ने सभी विरोधी नेताओं को यह संदेश दिया कि या तो सरकार के साथ आ जाओ या विरोध में खड़े हो जाओ। सत्ता के साथ रहोगे तो जांच एजेंसियों के कहर से बचे रहोगे। वर्ना ईडीए सीबीआईए इंनकम टैक्स के शिकंजे में फंसने को तैयार रहो। मोदी सरकार इंडिया गठबंधन को तोड़ने के लिये काफी समय से इंतजार कर रही है। बिल्ली के भाग्य से गठबंधन नाम का छींका फूटा और ममता बनर्जी ने बयान दे कर बीजेपी की बांछें खिला दी है। ममता के बाद नितीश कुमारए पंजाब के सीएम भगवंत मान और अन्य दलों ने गठबंधन की नींदें उड़ा दी है।
जान बबूझकर ममता, नितीश और केजरीवाल गद्दार न बनें
इधर सुनने में आया है कि ममता दीदी को मनाने को राहुल गांधी स्वयं मुलाकत करेंगे। कांगेस यह उम्मीद जता रही है कि अभी हालात इतने नहीं बिगड़े है कि गठबंधन पर कोई आंच आयी है। वैसे जनता को इंडिया गठबंधन से उम्मीदें होने लगी उन्हें वर्तमान सरकार के कहर से कांग्रेस और इंडिया गठबंधन ही निजात दिला सकता है। वैसे एक बात तो तया है कि अगर इस बार इंडिया गठबंधन टूटा तो विपक्ष का भविष्य पर हमेशा के लिये सकट छा जायेगा। अगर केजरीवाल, नितीश कुमार और ममता बनर्जी अपने अपने वजूद को बचाना चाहते हैं तो इंडिया गठबधन को पूरी ताकत से लोकसभा चुनाव में भाजपा और पीएम मोदी को कड़ी टक्कर दें। अन्यथा मोदी शाह की जोड़ी विपक्ष का खात्मा करने से बाज नहंीं आयेंगे।








